दीपावली पर्व पर पाबंदी के बाद भी जिले भर में खूब आतिशबाजी हुई। वीरवार शाम करीब 7 बजे से शुरू हुई आतिशबाजी रात करीब 12 बजे तक लगातार जारी रही। सारा आसमान आतिशबाजी की रंग बिरंगी लाइटों और धुएं से अट गया। वहीं पटाखों की आवाज ने भी ध्वनि प्रदूषण बढ़ाया। इतनी आतिशबाजी के कारण हवा भी पूरी तरह से दूषित हो गई और अंबाला का एक्यूआई 301 पहुंच गया। जो कि बहुत ही खराब श्रेणी में आता है। ऐसी हवा में सांस लेने से सांस के मरीजों को परेशानी खड़ी हो सकती है।
हैरानी की बात यह है कि पाबंदी के बाद भी पटाखे चलाने पर पुलिस की ओर से किसी के भी खिलाफ न तो पटाखे चलाने और न ही पटाखे बेचने का मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा आतिशबाजी में कई लोग घायल भी हुए हैं।
पिछले 10 दिन का एक्यूआई
5 नवंबर 301
4 नवंबर 198
3 नवंबर 212
2 नवंबर 168
1 नवंबर 182
31 अक्तूबर 135
30 अक्तूबर 118
29 अक्तूबर 119
28 अक्तूबर 124
27 अक्तूबर 109
ऐसे हुआ हादसा
दिवाली की रात सुतली बम जलाते समय कुम्हार मंडी निवासी 24 वर्षीय सुमित बुरी तरह घायल हो गया। जानकारी के अनुसार सुमित पटाखे चला रहा था। इसी दौरान जोरदार धमाके के साथ सुमित की बाजू का कुछ हिस्सा झुलस गया और बाजू व अंगुठे का मास फटने के कारण काफी खून बहने लगा। उसे उपचार के लिए अंबाला कैंट सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे तो प्राथमिक उपचार दिया गया। डॉक्टर ने अंगुठे पर टांके लगाने के बाद बाजू देखी तो उसमें बम के भीतर की पत्थरनुमा ठोस चीज यानी गोली फंसी हुई थी। गोली निकालने के बाद बाजू में टांके लगाए गए।
यह भी हुए घायल
जग्गी कॉलोनी निवासी 30 पारस तुली, अंबाला शहर निवासी 30 वर्षीय जसविंद्र कौर, काजीवाड़ा निवासी 9 वर्षीय कोशिका, कैथ माजरी निवासी 13 वर्षीय मन्नत धीमान, महावीर नगर निवासी 27 वर्षीय जन्नत, मनाली हाउस निवसी 12 वर्षीय एनएस गुप्ता, नाहन हाउस निवासी 10 वर्षीय हर्षित, कमल विहार निवासी 28 वर्षीय संदीप राणा, मेहला निवासी 32 वर्षीय रमनदीप कौर, जोगीवाड़ा निवासी 32 वर्षीय विशाल, बड़ा ठाकुरद्वारा निवासी 42 वर्षीय नीरज आग की घटना के कारण घायल हुए हैं।