डीएपी खाद की खरीद को लेकर अंबाला की अनाज मंडी में मारामारी रही। सुबह से लेकर दोपहर तक किसान अनाज मंडी में डीएपी खाद लेने के लिए लाइन में लगे रहे। मगर घंटों इंतजार करने के बाद भी बहुत से किसानों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। वहीं, जिन किसानों को डीएपी खाद उपलब्ध हुआ, उन्हें भी एक आधार कार्ड पर केवल पांच बैग ही दिए गए। लेकिन किसान इसे खेतीबाड़ी के लिहाज से अपर्याप्त बता रहे हैं। उनका कहना है कि किसानों के पास जिस हिसाब से खेतीहर जमीन उपलब्ध है, उस हिसाब से उन्हें डीएपी खाद उपलब्ध नहीं हो रहा है।
ये भी पढ़ें-
पंचकूला: दुष्कर्म की शिकायत रद्द करने पर छत्तीसगढ़ की युवती ने हरियाणा के डीजीपी से लगाई कार्रवाई की गुहार
उधर, डीएपी खाद देने में किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो। इसके लिए एसडीएम हितेश मीना ने अनाज मंडी का दौरा किया और संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। सरकार की ओर से अंबाला अनाज मंडी में 1 हजार डीएपी के बैग भेजे गए थे। जब इस बात की सूचना किसानों को मिली, तो वह उसी समय मौके पर पहुंचे। मगर किन्हीं कारणों से किसानों को डीएपी उपलब्ध नहीं करवाया गया। ऐसे में जब किसानों ने एसडीएम से बात की तो उन्होंने बुधवार को डीएपी खाद उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद बुधवार को किसानों में खाद वितरित करने का काम किया गया है।
मिलने से पहले ही खत्म हो गई खाद
गांव भड़ी से आए किसान जगतार सिंह ने बताया कि उनके पास 30 एकड़ जमीन है। वह सुबह 11 बजे ही बैग लेने के लिए आ गए थे और जब लिस्ट तैयार हो रही थी। उस लिस्ट में उनका 174वां नंबर था। लेकिन खाद के बैग 110 नंबर पर ही खत्म हो गए। डीएपी की कमी के कारण बहुत ज्यादा परेशान हो रहे हैं।
ये भी पढ़ें-
ऐलनाबाद विधानसभा उपचुनाव: हलके के बड़े गांवों के सरपंचों की चौधर तय करेगी चंडीगढ़ की राह
खाली हाथ वापस लौटना पड़ा
गांव अद्दोमाजरा से आए सोहनलाल ने बताया कि उनके पास 20 एकड़ जमीन है। वह सुबह 9 बजे ही मंडी इसी उम्मीद से आ गए थे कि उन्हें डीएपी के कुछ बैग मिल जाएंगे, तो वह काम शुरू कर सकेंगे। मगर, यहां से उन्हें खाली हाथ ही वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
खाद की कमी, नहीं कर पा रहे बिजाई
गांव बलाना से आए नारायण सिंह ने बताया कि उनके पास करीब 35 एकड़ जमीन है। मगर डीएपी की कमी के कारण वह गेहूं की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कई डीलरों से बात की। मगर उन्हें कहीं भी डीएपी नहीं मिली। जिस उम्मीद से वह अनाज मंडी आए थे, उन्हें यहां भी खाद उपलब्ध नहीं हुई है।
ये भी पढ़ें-
बहादुरगढ़ में बड़ा हादसा: किसान आंदोलन में शामिल पंजाब की तीन महिला प्रदर्शनकारियों को डंपर ने कुचला, मौत
कई चक्कर काटे, मगर नहीं मिली खाद
गांव बेगोमाजरा से आए सुरजीत सिंह ने बताया कि उनके पास 13 एकड़ जमीन है। उन्होंने खेतों में फसलों की बुआई करनी थी। मगर डीएपी न मिलने के कारण वह बुआई का काम नहीं कर पा रहे और उन्हें परेशानी हो रही है। वह कई दुकानों के चक्कर भी काट चुके हैं, मगर उन्हें डीएपी उपलब्ध नहीं हुआ है। किसानों ने मांग की है उन्हें जल्द से जल्द डीएपी उपलब्ध करवाई जाए।
मांग के मुकाबले इस समय आपूर्ति काफी कम चल रही है। इसलिए शुरुआत में किसानों को जरूरत के हिसाब से ही खाद उपलब्ध करवा रहे हैं। बुधवार को भी किसानों की सहमति के अनुसार उन्हें पांच-पांच बैग उपलब्ध करवाए गए हैं।
-हितेश मीना, एसडीएम, अंबाला सिटी