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भुगतान के फार्मूले पर किसान सहमत नहीं

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नारायणगढ़ शुगर मिल के बाहर बैठे किसान। - फोटो : Ambala
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नारायणगढ़। चीनी मिल बणौंदी के समक्ष सोमवार को भारतीय किसान यूनियन और गन्ना संघर्ष समिति से जुड़े किसानों की महापंचायत हुई। इस दौरान किसानों ने दो बार में भुगतान के फार्मूले पर असहमति जताते हुए एक ही बार में गन्ने का पूरा भुगतान किए जाने की मांग की है। महापंचायत में 31 दिसंबर को भाकियू पदाधिकारियों की गन्ने के भुगतान को लेकर शुगर मिल प्रबंधन और एसडीएम के बीच हुई बातचीत पर चर्चा की गई।
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इसमें गन्ना किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष विनोद राणा ने कहा कि गत 31 दिसंबर को प्रशासन ने वर्तमान सत्र के गन्ने के भुगतान के संबंध में जो फैसला किया था, उसमें 262 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों को नकद भुगतान और 100 रुपये प्रति क्विंटल का चेक देने की बात कही गई थी। प्रशासन और किसानों के बीच भुगतान को लेकर तय प्रस्ताव के तहत किसानों ने मिल प्रबंधन को आगामी तीन जनवरी को होने वाली किसान महापंचायत में आपसी बातचीत के बाद प्रस्तावित फार्मूले के बारे में बताने को कहा था। इसी बात को लेकर सोमवार को किसानों ने चीनी मिल बणौंदी के समक्ष अपनी महापंचायत की।
इसमें भाकियू चढ़ूूनी ग्रुप के जिला प्रधान मलकीत सिंह और विक्रम राणा ने कहा कि जो शेड्यूल गत 31 दिसंबर को बनाया गया था, उस पर किसान सहमत नहीं हैं। उन्हें उनके गन्ने का भुगतान 362 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से एकमुश्त किया जाए और यह भुगतान नियमानुसार मिल में गन्ना देने के 14 दिन के अंदर होना चाहिए। एसडीएम नीरज कुमार ने किसानों से कहा कि गन्ने की पेमेंट चाहे 362 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से की जाए या 262 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से। अंतिम समय में जो बकाया पेमेंट रहनी है वो रहेगी। उन्होंने कहा कि पेमेंट का यह शेड्यूल इसलिए बनाया गया था, ताकि सभी किसानों को उनकी पेमेंट का करीब 70 प्रतिशत रुपया मिल जाए और शेष पेमेंट का चैक मिल जाए, जिसकी पेमेंट बाद में कर दी जाएगी।
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एसडीएम ने कहा कि यदि 362 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से वर्तमान सत्र के गन्ने की पेमेंट दी गई तो पहले गन्ना गिराने वाले कुछ किसानों की पेमेंट पूरी हो जाएगी और बाद में गन्ना गिराने वाले किसानों की पेमेंट रुक जाएगी। उन्होंने कहा कि गन्ने की पेमेंट किसानों को चीनी मिल द्वारा ही की जानी है और यह सारी पेमेंट चीनी बेचकर ही की जाएगी। उन्होंने किसानों को बताया कि वर्तमान सत्र में यह मिल 50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करेगा, तभी किसानों को उनके गन्ने की पूरी पेमेंट हो सकती है।
भाकियू नेताओं का कहना था कि वर्तमान पेराई सत्र की गन्ने की पेमेंट किसानों की इच्छानुसार 362 रुपये प्रति क्विंटल की दर से ही की जाए। इस पर एसडीएम ने उपस्थित सभी किसानों को आश्वासन दिया कि वर्तमान पेराई सत्र के गन्ने की पेमेंट किसानों को 362 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी।
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