गेहूं की फसल में नमी की जांच करते हुए कृषि वैज्ञानिक।
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प्रदेश सहित जिले में मौसम में एक बार फिर बदलाव आया है। मंगलवार को रुक-रुक कर हुई हल्की बूंदाबांदी ने मौसम में ठंडक बढ़ा दी। वहीं बुधवार से मकर संक्रांति तक लगभग हर रोज बारिश की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने मंगलवार रात से उत्तर भारत में पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में अच्छी बरसात का पूर्वानुमान जताया है। पाकिस्तान और पश्चिमी राजस्थान पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन के बाद तीव्र पश्चिमी विक्षोभ के कारण दक्षिण पश्चिमी, दक्षिण, दक्षिण पूर्वी हवाएं चलेगी, जो नमी वाली होंगी।
मंगलवार को हल्की बूंदाबांदी हुई। दिनभर बादल छाने से ठंड ने भी अपना असर दिखाया। ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। वहीं, करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चली ठंडी हवाओं ने भी लोगों में सिहरन पैदा की। कृषि विशेषज्ञों की माने तो इस समय फसलों को बारिश की अधिक जरूरत थी। इन दिनों किसान फसल को पानी देते तो वह ज्यादा हो जाता और पानी न देने से नमी कम होने के कारण फसल पर बुरा प्रभाव पड़ सकता था। ऐसे में हो रही यह हल्की बूंदाबांदी से फसलों को पर्याप्त नमी मिल जाएगी। बूंदाबांदी से आने वाले दिनों में गेहूं सहित अन्य फसलों को अधिक लाभ मिलेगा।
यह रहा जिले का तापमान
मंगलवार को हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग की माने तो मंगलवार को अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री रहा है। मौसम विभाग की माने तो अभी आने वाले दिनों में भी बारिश और अधिक होने की आशंका है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
गेहूं के लिए लाभकारी होगी बारिश
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में पांच से नौ जनवरी तक गरज, चमक के साथ बारिश होगी और तेज हवा चलेगी। इसके बाद 11 से 13 जनवरी तक बारिश व बूंदाबांदी की संभावना जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बारिश गेहूं व गन्ने की फसल के लिए संजीवनी का काम करेगी। सरसों, जौ समेत सब्जी की फसल को भी फायदा होगा। हालांकि तेज बारिश होने की स्थिति में सब्जी की फसलों को नुकसान हो सकता है।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि किसानों के लिए यह हल्की बूंदाबांदी बहुत ही लाभकारी है। इससे फसल को आने वाले समय में बहुत अधिक लाभ मिलने वाला है।
डॉ. राजेंद्र सिंह।- फोटो : Ambala