डेंगू के लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को जिले में 25 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में 215 मरीज डेंगू के शिकार हो चुके हैं। दूसरी ओर वायरल बुखार के मरीज भी बढ़ते जा रहे हैं। सिविल सहित प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग अस्पताल में आने वाले उन मरीजों को तुरंत डिस्चार्ज कर रहा है, जिनकी स्थिति थोड़ी ठीक है। ताकि अस्पतालों में मरीजों की संख्या थोड़ी कम रहे और गंभीर मरीजों को विशेष तौर पर उपचार दिया जा सके। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग जिन घरों से डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, उनके एक से दो किलोमीटर के दायरे में तेल का छिड़काव व एंटी लारवा का स्प्रे करवा रहा है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग लोगों को भी सचेत रहने के लिए प्रचार प्रसार कर रहा है।
हमारी ओर से प्रयास है कि जल्द से जल्द डेंगू पर लगाम लगाई जा सके। जो भी मरीज आ रहे हैं, उन्हें उपचार दिया जा रहा है। अधिकतर मरीज घर पर ही ठीक हो रहे हैं।
- कुलदीप सिंह, सीएमओ, अंबाला।
सावधानियां रख कर बचा जा सकता है डेंगू बुखार से : डॉ. सिद्धू
नारायणगढ़। डेंगू बुखार की रोकथाम के लिए सफाई का विशेष ध्यान रखें। घरों के आसपास पानी एकत्रित न होने दें। गड्ढों को मिट्टी से भर दें। कूलरों और फूल दानों का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें। ऐसी ही कुछ सावधानियों बरत कर हम डेंगू बुखार से बच सकते हैं। यह जानकारी नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. संजीव सिद्धू ने दी।
उन्होंने कहा कि मच्छरों को भगाने व मारने के लिए मच्छर नाशक क्रीम, स्प्रे, मैट्स, कॉइल्स आदि का प्रयोग करें। रात के समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर के अंदर सभी क्षेत्रों में सप्ताह में एक बार मच्छरनाशक दवाई का छिड़काव अवश्य करें। बुखार या डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में जांच कराएं।