अंबाला। स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्सिंग ठेका कर्मचारियों ने विभाग से निकाले गए कर्मचारियों और लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और रोष जताया।
कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में दस हजार से ज्यादा कर्मचारी, सुपरवाइजर, गार्ड, चतुर्थ श्रेणी, कंप्यूटर ऑपरेटर, इलेक्ट्रीशियन, हेल्पर, पलंबर व अन्य कई पदों पर कर्मचारी अनुबंध पर लगे हुए हैं। इन कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना की पहली, दूसरी व तीसरी लहर में सराहनीय काम किया है। इसके बाद भी 500 से अधिक ठेका कर्मचारियों को बिना किसी कारण नौकरी से निकाल दिया गया। वहीं अब ठेका बदलने के बाद नए कर्मचारियों को रुपये लेकर रखा जा रहा है जो कि पूरी तरह गलत है। वहीं विभाग की ओर से भी इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग में तैनात हजारों सिक्योरिटी गार्ड को हटाकर होमगार्ड को लगाने के आदेश जारी हो चुके है। 31 मार्च से पहले हजारों सिक्योरिटी गार्ड को नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों में नौकरी से निकाले गए सभी कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लेना, सिक्योरिटी गार्ड को हटाकर होमगार्ड लगाने, होमगार्ड को पुलिस विभाग में समायोजित करने की मांग शामिल है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सभी आउटसोर्सिग पार्ट 1 कर्मचारियों को कौशल रोजगार निगम की बजाय विभाग के पे रोल पर लिया जाए, सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। तब तक समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए। वेतन का भुगतान हर महीने की 7 तारीख को किया जाए, साथ ही ईएसआई कार्ड दिए जाने की मांग शामिल है।
नौकरी से निकाले गए कर्मचारी की संख्या और जगह
जानकारी के अनुसार कैथल से 15, यमुनानगर से 14, रोहतक से 32, जींद से 40, झज्जर से 43, कुरुक्षेत्र से 4, सिरसा से 6, पलवल से 17, अंबाला से 7, भिवानी से 16, सोनीपत से 14, फरीदाबाद से 2, दादरी से 1, हिसार व करनाल में स्पेशल खोले गए कोविड अस्पताल में से 70, फरीदाबाद से 227 व मेडिकल कालेज नल्हड नुंह से 119 स्टाफ नर्स शामिल है।