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मुलाना थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई करने मांग, महुवा खेड़ी से दर्जनों ग्रामीण पहुंचे एसपी दरबार

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अंबाला सिटी। मुलाना पुलिस द्वारा युवक पर किए गए थर्ड डिग्री इस्तेमाल के विरोध में सोमवार को गांव महुवा खेड़ी के दर्जनों लोग अंबाला एसपी कार्यालय पहुंचे। अजय कुमार व अन्य ग्रामीणों उन्होंने पुलिस थाना प्रभारी सुभाष कुमार व अन्य कर्मचारियों के खिलाफ लिखित शिकायत दी। जिसमें अजय ने बताया कि 12 अप्रैल को शाम करीब पांच बजे पुलिस कर्मचारियों ने महुवा खेड़ी पुलिस चौकी में आने के लिए कहा था। पुलिस द्वारा बुलाए जाने के बाद वह अपने पिता शिशपाल के साथ पुलिस चौकी पहुंचा।
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वहां मौजूद एक महिला पुलिस थानेदार व महिला होमगार्ड कर्मचारी उसे पुलिस टीम के साथ अपनी गाड़ी में बैठाकर कलालटी चौकी ले गए। जहां पर कुछ पुलिसकर्मियों ने पूछताछ करते हुए उस पर होमगार्ड कर्मचारी का रास्ता रोकने के आरोप लगाए। इसके कुछ देर बाद पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें घर जाने के लिए कह दिया। शाम को करीब साढ़े छह बजे जब अजय अपने गांव के अड्डे से गुजर रहा था तो देखा कि कुछ पुलिसकर्मी लोगों से पूछताछ कर रहे थे। इस दौरान पुलिस कर्मचारी उससे मिले और बिना किसी बात के थप्पड़ आदि मारते हुए अजय को गाड़ी में बैठाकर मुलाना पुलिस थाना लेकर पहुंचे। वहां पुलिस कर्मचारियों ने अजय को कमरे में बंद करते हुए नीचे लेटा कर मारना शुरू कर दिया। इस दौरान एक कर्मचारी पीठ पर बैठ गया और दूसरा कर्मचारी पैरों के नीचे डंडों से पिटाई कर रहा था।
थाना प्रभारी सुभाष ने पैरों को पकड़ कर रखा था। कुछ देर बाद ही एक कर्मचारी ने पट्टे मारने शुरू कर दिए। इस दौरान एक महिला होमगार्ड ने थप्पड़ आदि मारने शुरू कर दिए जबकि किसी भी मामले के बारे में अजय को कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस ने बर्बरता के साथ करीब तीन घंटे तक पिटाई की। देररात करीब 12 बजे महिला होमगार्ड कर्मचारी ने यह कह दिया कि यह वह युवक नहीं है। इसको छोड़ दो। देररात अजय के परिजन मुलाना थाने के बाहर बैठकर पुलिसकर्मियों से गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस कर्मचारियों ने उनकी एक न सुनी। करीब साढ़े 12 बजे पुलिस की ओर से छोड़े जाने पर पीड़ित के परिजन अपने साथ लेकर वापस आए तो शरीर पर लगी गंभीर चोटों को देखते उसे नजदीकी डॉक्टर के पास ले गए। जहां पर डॉक्टर ने सिविल अस्पताल जाने की सलाह दी। परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर इलाज करवाया। डाक्टरों ने आराम करने की सलाह देकर घर भेज दिया।
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इस मौके पर अजय के साथ पहुंचे दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि अजय कुमार मजदूरी का काम करता है। वह मजदूरी से अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा है। परिवार में मां बाप के अलावा दो बच्चे और एक पत्नी हैं। पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई के विरोध में पूरा गांव अजय के साथ खड़ा है। इस मौके पर पूर्व सरपंच सुरेंद्र कुमार, पूर्व पंच गुरविंदर व संदीप कुमार, श्यामलाल, गुरलीन नंबरदार, कर्मचंद चौकीदार, प्रदीप कुमार, मानसिंह, सुभाष चंद आदि मौजूद रहे।
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हमारी ओर से ऐसा कुछ भी नहीं किया गया है। अगर किसी ने इसकी शिकायत दी है तो इसकी जांच की जाएगी।
-सुभाष, प्रभारी, थाना मुलाना।
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