अंबाला सिटी। श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी का प्रकाशोत्सव सिटी के ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब में धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर सिख संगतों की ओर से भव्य दीवान सजाए गए। ढाडी जत्थों ने कीर्तन व गुरु इतिहास से संगतों को गुरु साहिब की जीवनी पर विभिन्न कथाओं के माध्यम से निहाल किया गया। गुरुद्वारा साहिब में संगतों को संबोधित करते हुए जत्थेदार हरपाल सिंह मछोंडा मेंबर एसजीपीसी ने कहा कि श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने श्री अकाल तख्त साहिब की संरचना की।
इस अवसर पर भाई हीरा सिंह हजूरी रागी, भाई सतनाम सिंह कथावाचक, भाई जोरावर सिंह कविशरी जत्था, भाई इकबाल सिंह एमए ढाडी जत्था, भाई अमर सिंह अणखी ढाडी ने कीर्तन से संगत को निहाल किया। भाई नथा व भाई अब्दुल्ला ने ढाडी परंपरा का आरंभ किया। गुरु जी ने मीरी पीरी की दो तलवारें पहन कर उपदेश दिया कि धर्म की रक्षा के लिए तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने जुल्म के खिलाफ लड़ने का उपदेश दिया। इस मौके पर जत्थेदार रणबीर सिंह फौजी ने कहा कि गुरु साहिब ने जहांगीर द्वारा लगाई सारी पाबंदियां तोड़ते हुए दस्तार सजाई, घुड़सवारी व शस्त्र विद्या को प्रारंभ किया, सेना बनाकर चार युद्ध लड़े व विजयी रहे।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों की ओर से पगड़ी सजाओ प्रतियोगिता के अलावा विभिन्न प्रकार की अन्य प्रतियोगिताएं करवाई गई। जिसमें विजेता बच्चों को मेडल आदि देकर पुरस्कृत किया गया। मंच संचालन की सेवा स. चरनजीत सिंह टक्कर मीडिया इंचार्ज शिरोमणि अकाली दल हरियाणा इकाई की ओर से की गई। रात्रि के कार्यक्रम में कीर्तन दरबार सजाए गए। जिसमें भाई गुरुचरण सिंह रसिया, भाई देवेंद्र सिंह बटाला वाले व कवि दरबार स. गुरुचरण सिंह जोगी कीर्तन किया गया। इस मौके पर जत्थेदार सुखदेव सिंह गोबिन्दगढ़, जतिन्द्र सिंह लकी, स. सुरिन्द्र पाल सिंह सिद्धड, एडवोकेट प्रेम सिंह, जगदीश सिंह जेंडा, एडवोकेट सुरजीत सिंह वालिया, रविन्द्र सिंह सोनू, भूपिन्द्र सिंह, सतनाम सिंह हेड ग्रन्थी, मैनेजर कुलदीप सिंह आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।