यूपी से आकर हरियाणा के अंबाला के साहा थाना क्षेत्र स्थित मलिकपुर गांव में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के जरिए भ्रूण लिंग जांच करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डिकोय गर्भवती महिला के जरिये जाल बिछाया था। 40 हजार रुपये में सौदा होने के बाद दलालों ने गुरुवार को अल्ट्रासाउंड करवाया और 35 हजार रुपये लिए। इतने में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दबिश देकर एक झोला छाप कथित डॉक्टर सहित 3 को काबू कर लिया।
मुख्य आरोपी आकाश पोर्टेबल मशीन लेकर मौके से फरार हो गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान झोला छाप नरेंद्र कुमार के अलावा दलाल किरण दास व अवनीश कुमार के रूप में हुई है। टीम ने बताया कि रामगढ़ निवासी नरेंद्र कुमार 12वीं पास है। पिछले 2-3 साल से साहा के मलीकपुर गांव में प्रैक्टिस कर रहा था। आरोपी सहारनपुर निवासी किरण दास, अवनीश कुमार व आकाश की मदद से अपने क्लीनिक पर गर्भवतियों के लिंग की जांच कराता था। साहा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
स्वास्थ्य विभाग की टीम के डिकोय ने आरोपी नरेंद्र से संपर्क किया था और उससे बातचीत के दौरान 40 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। दलालों ने डिकोय को वीरवार पहले तो साहा बुलाया और फिर वहां से मुलाना ले गए थे। बाद वह दोबारा साहा के गांव में पहुंचे।
जहां आरोपियों ने मिलकर पोर्टेब्ल मशीन से अल्ट्रासाउंड किया था। जैसे ही आरोपी डिकोय को छोड़ने के लिए आए तो टीम ने दबिश देकर उन्हें दबोच लिया और फिर आरोपी नरेंद्र को काबू किया।
इस बीच मुख्य आरोपी आकाश जोकि यूपी से पोर्टेब्ल अल्ट्रासाउंड मशीन लेकर आया था वो जांच के बाद फरार हो गया। टीम ने आरोपी किरण दास से 25 तो अवनीश से 10 हजार रुपये बरामद किए। स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. बलविंदर कौर, डॉ. हितार्थ, डॉ.विपिन भंडारी, ललित जिंदल, देवेंद्र हुड्डा शामिल थे। ।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब पोर्टेब्ल मशीन लेकर फरार हुए आरोपी का रिकॉर्ड खंगाला तो उस पर कुरुक्षेत्र में 2021 व 23 में भी मामले दर्ज पाए गए थे और वो भी इस मामले के थे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए आसपास के गांव से गुजरने वाले रास्तों पर भी देखा लेकिन तब तक वह फरार हो चुका था।
पोर्टेबल मशीन के जरिए तीन माह से सक्रिय था गिरोह
स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर विपिन भंडारी ने बताया कि यह गिरोह नरेंद्र कुमार के जरिए करीब तीन माह से एक्टिव था। शातिर पोर्टेब्ल मशीन के जरिए भ्रूण लिंग जांच करते थे ताकि इस मशीन को आसानी से इधर-उधर ले जाया जा सके। बता दें कि इस मशीन की कीमत करीब एक लाख रुपये हैं और यह चाइना मेड होती है। जिसका सरकार के पास भी कोई रिकॉर्ड नहीं होता।
अंबाला कैंट में 29 जनवरी को पकड़ा गया था दलाल
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 29 जनवरी को भी अंबाला कैंट थाना क्षेत्र में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया था। टीम ने दबिश देकर मौके से दोनों आरोपियों को काबू किया था। मुख्य आरोपी कुमार उस समय टीम की गाड़ी से उतरकर फरार हो गया था। जबकि दूसरे आरोपी को जेल भेज दिया था। अभी तक मुख्य आरोपी कुमार की गिरफ्तारी नहीं हुई है।