नारनौल में पुलिस ने फोन कॉल पर खुद को शिकायतकर्ता का जानकार बताकर खाते में रुपए डालने के नाम पर लिंक भेजकर ठगी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान विकासपुरी पश्चिमी दिल्ली निवासी अमित और निशांत के रूप में हुई।
पुलिस ने आरोपियों को दिल्ली क्षेत्र से गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस द्वारा आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई। पुलिस ने पूछताछ में आरोपियों से नकदी बरामद की गई। पूछताछ में पुलिस ने पता लगाया कि आरोपियों ने ठगी की वारदात के मामले में खाता उपलब्ध कराया था।
पुलिस ने पूछताछ में आरोपियों से 7 मोबाइल बरामद कर जब्त किए हैं, आरोपी ठगी की वारदातों को अंजाम देने के बाद इन मोबाइल फोन के माध्यम से फ्रॉड की राशि का आदान-प्रदान करते थे। आरोपियों को वीरवार को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आशाराम अहिरवार निवासी गांव सुकवा पटपूरा मोहल्ला वार्ड नंबर 1, तहसील महिवा, जिला छत्तरपुर, मध्यप्रदेश हाल आबाद गांव मंढाना ने साइबर थाना में साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई थी। जिसने बताया कि 25 फरवरी 2023 को उसके पास किसी अनजान व्यक्ति का कॉल आया और खुद को उसका जानकार बताया।
जानकार बताने वाले अंजान व्यक्ति ने शिकायतकर्ता को बताया कि उसके खाते में रुपए नही आ रहे हैं, इसलिए वह आपके खाते में 15 हजार रुपए डाल रहा है, जिसका आपके पास एक लिंक आएगा, उस लिंक पर क्लिक कर देना। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके पास मोबाइल नंबर से एक लिंक आया।
जिस पर शिकायतकर्ता ने क्लिक किया तो उसके खाते से 88,500 रुपए कट गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी। मामले में जांच करते हुए पुलिस द्वारा संबंधित बैंक और संबंधित कंपनियों से पत्राचार कर जानकारी एकत्रित की गई। जिसके माध्यम से आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया और पूछताछ की गई।
पूछताछ में पुलिस ने आरोपियों से नकदी और ठगी की वारदातों को अंजाम देने में प्रयोग किए गए 7 मोबाइल बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मोबाइलों को जब्त कर लिया है और मामले में जांच की जा रही है।