अंबाला। रेसकोर्स के जिस सरकारी आवास में कैप्टन साक्षी अपनी स्क्वाड्रन लीडर पति नवनीत के साथ रह रही थी, उसके बेडरूम में सीसीटीवी कैमरे लगे थे। इसे नवनीत मोबाइल एप के जरिए ऑपरेट करता था। घटना के बाद बिलखते हुए साक्षी के भाई सौरभ ने कहा कि नवनीत शक्की था। इसीलिए उसने ऐसा किया। सौरभ के अनुसार, घटना के बाद जब नवनीत का मोबाइल चेक किया तब तक उसने एप डिलीट कर कर दी थी। इतना ही नहीं उनकी फुटेज तक डिलीट कर दी गई है ताकि उस दिन का सच किसी के सामने न आ सके।
29 वर्षीय साक्षी फरवरी 2017 में मिल्ट्री नर्सिंग सर्विसेज में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति हुई थी। करीब एक साल पहले वह कैप्टन बनी थी। नवनीत के साथ उसका विवाह अंतरजातीय था। सौरभ के अनुसार हमने बहन की शादी में खूब दहेज दिया। इतना ही नहीं ससुराल पक्ष की मांग के अनुसार बारातियों की पूरी खातिरदारी करते हुए सुबह का नाश्ता तक पैक करवा कर दिया था। लेकिन शादी के अगले ही दिन कपड़े व पैसों को लेकर नवनीत व उसके परिवार वालों ने मेरी बहन को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इन्हीं प्रताड़नाओं से तंग कैप्टन साक्षी ने सरकारी आवास के कमरे में पंखे से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। जब परिजन उसे मिल्ट्री अस्पताल लेकर पहुंचे तो डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रेसकोर्स के जिस सरकारी मकान में वह रह रही थी वह नवनीत के नाम है।
शेयर मार्केट में लगाए थे साक्षी के चार लाख रुपये
सौरभ ने पुलिस को यह भी बताया कि नवनीत ने जबरदस्ती अपने डीमेट अकांउट से बहन के करीब तीन-चार लाख रुपये शेयर मार्केट में लगा दिए थे। सौरभ ने आरोप लगाए कि हमारे पूरे परिवार के फोन नंबर नवनीत ने ब्लॉक लिस्ट में डाले हुए थे। जब मुझे पता चला कि मेरे बहन ने सुसाइड कर लिया है तब मैंने नवनीत को अपनी पत्नी के नंबर से फोन किया, इस पर भी आरोपी नवनीत ने कहा कि मुझे फोन पर कोई बात नहीं करनी, यहीं आकर बात करो।
सौरभ ने आरोप लगाते हुए बताया कि 20 जून की रात जब साक्षी ने मेरी मां को फोन किया तब पीछे से साक्षी की सास चिल्ला रही थी कि तलाक दे दो, तलाक दे दो और उन्होंने कोई बात नहीं की। फोन तक काट दिया। सौरभ ने कहा कि मेरी बहन नवनीत की प्रताड़ना से तंग आकर दिल्ली अपने बेटे के साथ आना चाहती थी लेकिन ससुराल वालों ने उसे आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। नवनीत मुझसे या मेरे परिवार के किसी सदस्य से कोई बात नही करता था, उसने हमारे फोन ब्लॉक किए हुए हैं।
डेढ़ साल के मासूम को नहीं मिल पाएगा मां का प्यार
मां साक्षी के चले जाने के बाद डेढ़ साल के दिव्यांश को अब मां का प्यार नसीब नहीं होगा। मासूम समझ नहीं पा रहा था कि घर पर सभी क्यों रो रहे हैं। वह बार-बार मां को पुकार रहा था लेकिन मां की आवाज उसे सुनाई नहीं दे रही थी। उसके मामा सौरभ ने बताया कि दिव्यांश किसके पास रहेगा इसको लेकर अभी पुलिस के साथ बातचीत चल रही है। वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
अभी सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। सीन ऑफ क्राइम की टीमों ने भी सबूत एकत्रित किए हैं। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
विजय कुमार, इंस्पेक्टर कैंट थाना।