फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सीएम ने किया डॉ. परमजीत का सम्मान

विज्ञापन
अंबाला शहर स्थित पुलिस लाइन मैदान में गणतंत्र दिवस समारोह में आर्मी पब्लिक स्कूल के प्राधानाचार - फोटो : Ambala
विज्ञापन
अंबाला। गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन मैदान में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अंबाला छावनी स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य डॉ. परमजीत सिंह को शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं व उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। इससे पूर्व भी डॉ. सिंह शिक्षा और सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पा चुके हैं। समारोह में अंबाला शहर के विधायक असीम गोयल, उपायुक्त विक्रम समेत अन्य प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन

एक शिक्षक, समन्वयक, विभागाध्यक्ष, आईसीए टीम लीड और अब प्राचार्य के रूप में डा. परमजीत सिंह के पास 25 वर्ष का लंबा अनुभव है। साथ ही वे सीबीएसई संसाधन व सीबीएसई संबद्धता समिति के सदस्य, सीबीएसई के मुख्य नोडल अधिकारी, सीबीएसई के जिला प्रशिक्षण समन्वयक और सीबीएसई के एचओएल लीड सहयोगी के रूप में भी विविध जिम्मेदारियां भी निभा रहे हैं। -ब्यूरो
अब तक मिल चुका ये सम्मान
- 2017 में हरियाणा के तत्कालीन शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने नेशन बिल्डर अवार्ड से नवाजा।
- 2018 में प्रतिष्ठित अवंतिका डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल बेस्ट प्रिंसिपल अवार्ड मिला।
- 2019 में अवंतिका गुरु रविंद्रनाथ टैगोर सम्मान प्राप्त हुआ ।
- 2019 में थाईलैंड में मेकाडेमिया ग्रुप द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में प्रायोगिक शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए ‘लीडरशिप एक्सीलेंस अवार्ड-2019’ मिला।
- 2020 में संजीवनी वर्ल्ड स्कूल, मुंबई की ओरसे ‘संजीवनी-सीड ऑफ नॉलेज’ अवार्ड प्राप्त हुआ।
- 2020 में समाज और देश के लिए शिक्षा, सामाजिक कल्याण और किशोर जागरूकता के प्रति अनुकरणीय योगदान के लिए ‘भारतीय मानवतावादी पुरस्कार- 2020’ से सम्मानित हुए।
विज्ञापन

- 2021 में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल से कोविड -19 महामारी के दौरान मानवता की सेवा करने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रधानाचार्य पुरस्कार मिला।
- 2021 में थिंक नीति द्वारा शिक्षा और असाधारण प्रतिबद्धता में अनुकरणीय नेतृत्व व नेतृत्व में उत्कृष्टता के लिए सीवी रमन शिक्षा पुरस्कार प्राप्त हुआ।
----
षटतिला एकादशी आज, तिलदान का विशेष महत्व
- रात्रि 11 बजकर 35 मिनट तक एकादशी, व्रत पारण कल सुबह 07 बजकर 11 मिनट से सुबह 09 बजकर 20 मिनट तक
अंबाला। आज माघ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी है। जिसे षटतिला एकादशी कहा जाएगा। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है और षटतिला एकादशी के दिन भगवान विष्णु को तिल का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन तिल का दान स्वर्ण दान के बराबर होता है और भक्तों पर भगवान विष्णु की कृपा होती है। षटतिला एकादशी के बारे में जानकारी देते हुए पंडित तिलक राज मैत्रेय ने बताया कि एकादशी तिथि आज रात्रि 11 बजकर 35 मिनट तक रहेगी। ऐसे में एकादशी व्रत आज ही रखा जाएगा। एकादशी व्रत पारण कल सुबह 07 बजकर 11 मिनट से सुबह 09 बजकर 20 मिनट रहेगा।
यह है महत्व
पंडित मैत्रेय ने बताया कि षटतिला एकादशी के दिन तिल के प्रयोग का खास महत्व होता है। इस तरह स्नान, उबटन, तर्पण, दान, सेवन और आहुति से पापों का नाश होता है। इस दिन व्रती को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। तत्पश्चात भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण की मूर्ति, प्रतिमा या उनके चित्र को स्थापित करना चाहिए। विधिविधान के साथ उनकी पूजा अर्चना करनी चाहिए। पूजा के दौरान भगवान कृष्ण के भजन और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए। प्रसाद, तुलसी जल, फल, नारियल, अगरबत्ती और फूल देवताओं को अर्पित करने चाहिए। द्वादशी पर पूजा के बाद भोजन का सेवन करने के बाद षटतिला एकादशी व्रत का पारण करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें