अंबाला। श्री बांके बिहारी मंदिर में श्रीमद्भागवत ज्ञान कथा यज्ञ का आरंभ महंत सोमदत्त गिरी महाराज ने प्रवचनों के माध्यम से किया। सिरमौर हिमाचल वाले महंत सोमदत्त लंबे समय से भागवत ज्ञान कथा यज्ञ कर रहे हैं। महंत सोमदत्त ने प्रवचनों में कहा कि तीन भाग्यशाली व्यक्ति कथा सुन पाते हैं।
ज्ञानीजन, जिन्होंने जीवन में कोई कर्म फल किया हो और तीसरा जिनके जीवन की बाधाएं प्रभु दूर करना चाहते हों। माताएं, बहनें सबसे बड़ी डॉक्टर हैं। यदि वह भोजन बनाते समय भगवान का नाम जपें, तो भोजन महाप्रसाद बन जाता है। इससे आपका परिवार निरोगी और सुखी हो जाता है। महाराज ने प्रवचन करते हुए भीम और दुर्योधन की अंतिम लड़ाई के प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने अश्वत्थामा द्वारा पांडवों के बच्चों के शीश काटने के वृत्तांत को सुनाया। द्रौपदी जी ने अश्वत्थामा की हत्या के लिए उत्सुक पांडवों को ब्रह्म हत्या करने के दोष से रोका। भगवान श्री कृष्ण के दिशा निर्देश पर अश्वत्थामा की मणि को निकाल लिया गया। कथा में नर सिंह गोयल, गोविंद चावला, अविनाश शर्मा, रमेश धीमान, ओम प्रकाश शर्मा, अरुण गुप्ता, दिनेश बहल, शशी जौहर, पार्वती, रेखा, ब्रिज मोहन गुप्ता, जंग बहादुर उप्पल, रमेश, अनिल कुमार कौशल, रजनीश, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।