ठंड के मौसम को देखते हुए आईआरसीटीसी ने वंदे भारत एक्सप्रेस के मेन्यू में बदलाव किया है। अब वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों को आईसक्रीम के अलावा गर्मागर्म काजू-पिस्ता से तैयार खीर खाने को मिलेगी। इसके अलावा चॉकलेट और फ्रूट जूस को भी मेन्यू में शामिल किया गया।
ट्रेन के पैंट्री मैनेजर देवेंद्र ने बताया कि कोरोना काल के लगभग डेढ़ साल बाद प्रीमियम ट्रेनों में खाने की सुविधा को आईआरसीटीसी ने शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत लगभग एक हफ्ता पहले वंदे भारत, राजधानी व शताब्दी एक्सप्रेस में की गई है। नई दिल्ली-कटड़ा के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में अब मीठे के तौर पर आइसक्रीम के अलावा बर्फी, बेसन व बूंदी का लड्डू भी दिया जा रहा है। कोरोना प्रोटोकाल को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक यात्री को खाने के बाद हैंड सैनिटाइजर भी दिया जा रहा है।
शताब्दी में परोसा जा रहा खाना
चंडीगढ़ और कालका से नई दिल्ली के बीच चलने वाली शताब्दी में गर्मागर्म नाश्ता और दोपहर का भोजन परोसा जा रहा है। पहले दिन ट्रेन नंबर 12006 कालका-नई दिल्ली शताब्दी में 300 यात्रियों को सुबह का नाश्ता परोसा गया था, अब मौजूदा समय में 750 यात्रियों तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं ट्रेन नंबर 12046 चंडीगढ़-कालका शताब्दी में दोपहर का खाना 200 प्लेट की बजाय करीब 400 प्लेट लोड किया जा रहा है।
18 ट्रेनों में हुई शुरुआत
मौजूदा समय में आईआरसीटीसी ने लगभग 18 ट्रेनों में खाना परोसने की सुविधा शुरू की है। जल्द ही अगले कुछ दिनों में यह सुविधा अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों में शुरू होने की उम्मीद है। मार्च 2020 से पहले आईआरसीटीसी लगभग 550 ट्रेनों में तैयार खाने की सुविधा यात्रियों को मिलती थी। यह खाना ट्रेनों की पैंट्री में तैयार किया जाता था। इस सुविधा की शुरुआत अभी सिर्फ शताब्दी, राजधानी, दुरंतो जैसी ट्रेनों में हुई है। इसमें छावनी रेलवे स्टेशन से निकलने वाली ट्रेन नंबर 12045/46 नई दिल्ली-चंडीगढ़ शताब्दी, ट्रेन नंबर 12005/06 नई दिल्ली-कालका शताब्दी और ट्रेन नंबर 22439/40 श्रीमाता वैष्णो देवी कटड़ा-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं।
सुबह का नाश्ता
प्रथम श्रेणी एसी व एग्जिक्यूटिव कोच में सुबह की चाय के साथ शाकाहारी भोजन में दो बिस्कुट, नाश्ते में कॉर्न फ्लेक्स, ब्रेड स्लाइस, जैम, बटर, दो आलू परांठा, दही, आचार, वैज कटलट, पोहा, इडली, रवा आदि परोसा जा रहा है। वहीं मांसाहारी नाश्ते में दो उबले हुए अंडे या ऑमलेट दिया जा रहा है।
दोपहर का भोजन
दोपहर के भोजन में यात्रियों को सूप, बासमती चावल, चार रोटी या दो परांठे के साथ अलग-अलग दिनों के हिसाब से तैयार मेन्यू में दाल मक्खनी, काबुली चने, राजमा, चना दाल, छोले, पनीर की सब्जी, मूंग दाल व सांभर परोसा जा रहा है। वहीं मांसाहारी भोजन में चिकन खाने को दिया जा रहा है।
ठंड के मौसम और यात्रियों की परेशानी को देखते हुए प्रीमियम ट्रेनों में पके हुए खाने की सुविधा शुरू की गई है। वंदे भारत एक्सप्रेस के खाने में कुछ नई खाद्य वस्तुओं को जोड़ा गया है।
-एके झा, सह प्रबंधक, आईआरसीटीसी, दिल्ली