अंबाला छावनी के वायु सेना क्षेत्र में भंडारे का प्रसाद वितरित करते पीर बाबा मामा भांजा संस्था के
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अंबाला सिटी। पिछले वर्ष की भांति इस बार भी वायु सेना के क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नागा बाबा की समाधि पर लोग नतमस्तक होने से वंचित रहे। कोरोना के चलते नागा बाबा की समाधि पर किसी भी बाहरी व्यक्ति को जाने की अनुमति नहीं मिल पाई। इस बार भी गांव धूलकोट के क्षेत्र में लगे वायु सेना के गेट को सभी लोगो के लिए नहीं खोला गया। इससे श्रद्धालुओं में निराशा देखने को मिली है। इधर धूलकोट गांव में पहले की भांति मेले में दुकानें सजी रही। दूर-दराज से श्रद्धालु भी नतमस्तक होने के उद्देश्य से वहां पर पहुंचे।
इस दौरान पीर बाबा मामा भांजा संस्था की ओर से हर वर्ष की तरह श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई। संस्था के सदस्य जनकराज, अजय कुमार, तरुण गुलाटी, अशीष वोहरा, नीरज गुप्ता, राकेश गुप्ता आदि ने बताया कि यह संस्था 1986 से पीर बाबा की सेवा कर रही है। इसी प्रकार 2007 से वायु सेना क्षेत्र के नागा बाबा की समाधि पर खुलने वाले किवाड़ पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाता है। पिछले दो सालों से इस नागा बाबा की समाधि के किवाड़ श्रद्धालुओं के लिए नहीं खोले गए हैं। वायु सेना अधिकारियों की ओर से गुरुद्वारा कमेटी के कुछ सदस्यों से एक दिन पहले आधार कार्ड आदि लिए गए थे। जिसके आधार पर कुछ लोगों को ही नागा बाबा की समाधि पर जाने की अनुमति मिल सकी है। उन्हीं लोगों की ओर से नागा बाबा की समाधि पर पूजा अर्चना आदि की गई है। बाकी श्रद्धालु दूर दराज से आए थे जोकि नागा बाबा के दर्शन किए बिना ही वापस लौट गए हैं।