विधायक की कोठी के बाहर धरने पर बैठी आंगनवाड़ी वर्कर।
- फोटो : Ambala
मांगों को लेकर विधायक को ज्ञापन देने जा रहीं आंगनबाड़ी कर्मियों को विधायक की कोठी तक पहुंचने से पहले ही पुलिस ने रोक दिया। जिससे कर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। विरोध में आंगनबाड़ी कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सड़क पर बैठ गई। करीब एक घंटे तक बैठे रहने के बाद पुलिस अधिकारियों ने आंगनबाड़ी कर्मियों व सहायकों को समझाया।
इसके बाद एक पैनल ज्ञापन लेकर विधायक की कोठी पर पहुंचा, लेकिन विधायक के न मिलने पर वह बिना ज्ञापन दिए ही वापस लौट आई। अब आंगनबाड़ी कर्मी सोमवार को गृह मंत्री अनिल विज से मांगें पूरी करने को लेकर मांगपत्र सौंपेगी। वहीं, आंगनबाड़ी कर्मियों ने प्रशासन द्वारा उनके साथ किए गए बर्ताव की भी निंदा की।
आंगनबाड़ी कर्मचारी व यूनियन प्रधान अनुपमा ने बताया कि उन्होंने स्टेट कमेटी के आह्वान पर विधायक को ज्ञापन देने का निर्णय लिया था। जैसे ही वे विधायक की कोठी के पास पहुंचीं तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। जब ज्ञापन देने गए तब विधायक हमें नहीं मिले। इस कारण मजबूरी में हम वापस लौट आए।
एक तरफ का मार्ग किया परिवर्तित
आंगनबाड़ी कर्मियों के आने की सूचना मिलते ही प्रशासन ने प्रेमनगर में दोनों ओर बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया। इस कारण वहां से एक तरफ का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया। जिससे क्षेत्र में जाम की स्थिति बनी रही। इससे निपटने में प्रशासन के पसीने छूट गए। लोगों का कहना है कि मुख्य रास्ते पर इस तरह बैरिकेडिंग कर रास्ता नहीं रोकना चाहिए, इससे आमजन को परेशानी होती है।
विधायक की कोठी के बाहर तैनात पुलिस बल।- फोटो : Ambala