अंबाला। बसों की कमी से जूझ रही रोडवेज को कुछ राहत मिल सकती है। यह राहत प्राइवेट बस संचालकों के सहयोग से पूरी हो सकेगी। परिवहन विभाग की स्टेट कैरिज स्कीम में हुए परिवर्तन व नई योजना को सिरे चढ़ाने के मकसद से सोमवार को एक बैठक हुई। बैठक में हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों के साथ प्राइवेट बस संचालक भी मौजूद रहे। इस मौके पर तय किया गया कि ए श्रेणी के लंबे रूट पर 80 प्रतिशत सरकारी बसे चलेंगी।
बैठक के बारे जानकारी देते हुए सहकारी समिति महासचिव सुरेंद्र राजू शर्मा ने बताया कि सरकार यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई योजना तैयार कर रही है ताकि जरूरत अनुसार बसों का मार्ग निर्धारित कर आम जन को राहत पहुंचाई जा सके। योजना के अनुसार सरकार ने 3 श्रेणी बनाई हैं। इसमें ए श्रेणी में लंबे रूट पर 80 प्रतिशत सरकारी बसें और 20 प्रतिशत सहकारी समिति की बसों का संचालन किया जाएगा। बी श्रेणी में 50 प्रतिशत मार्ग पर सरकारी बसेें और 50 पर सहकारी बसें व सी श्रेणी में 80 प्रतिशत सहकारी समिति की बसों का संचालन होगा। 20 प्रतिशत सरकारी बसों का संचालन होगा। महासचिव ने बताया कि विभाग द्वारा उक्त मुद्दे पर सुझाव व आपत्तियां मांगी गई हैं। मंगलवार वह आरटीए सचिव से मंत्रणा कर आगामी रूपरेखा तैयार कर सकें ताकि नई योजना पारदर्शी बन सके और आमजन को राहत मिल सके।