अंबाला। छावनी रेलवे स्टेशन की रेलवे लाइन नंबर-8 पर रविवार शाम हुई डिरेलमेंट की जांच जे-ग्रेड श्रेणी के तीन अधिकारी करेंगे। मंडल रेल प्रबंधक गुरिंदर मोहन सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्य कमेटी का गठन किया है जो अपनी रिपोर्ट रेल प्रबंधक को सौंपेगी। हालांकि अभी इस मामले को लेकर किसी भी विभागीय अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है।
विदित हो कि रविवार शाम लगभग 5.50 पर दिल्ली की तरफ से आई एक पार्सल ट्रेन का पांचवां कोच डिरेल हो गया था। कोच के दो पिछले पहिए पटरी से उतर गए थे। इस कारण दिल्ली की तरफ से आने वाला रेल मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया। सूचना मिलते ही एडीआरएम आरके गुप्ता दुर्घटना सहायता ट्रेन के साथ मौके पर पहुंचे और लगभग 6.30 बजे पहियों को वापस ट्रैक पर रखने का कार्य शुरू किया गया। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के तालमेल से लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कोच के पहिए को ट्रैक पर रख दिया गया। हालांकि इस दौरान नई दिल्ली-अमृतसर स्वर्ण शताब्दी सहित हीराकुंड एक्सप्रेस ट्रेन 1 से 2 घंटे की देरी से गंतव्य स्टेशन पर पहुंची। वहीं कुछ अन्य ट्रेन भी 10 मिनट से आधे घंटे की देरी से छावनी रेलवे स्टेशन पर पहुंची थी। इससे पहले 12 नवंबर को भी छावनी रेलवे यार्ड में शंटिंग के दौरान मालगाड़ी का एक डिब्बा डिरेल हो गया था। इस मामले में लापरवाही के चलते रेलवे ने एक कर्मचारी को चार्जशीट किया था।
जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति होगी साफ
मामले की गंभीरता को देखते हुए जे-ग्रेड श्रेणी के तीन अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है जो प्रत्येक तथ्य की जांच करेंगे। यह मानवीय चूक का मामला है या फिर कोच में कोई खराबी थी, पूरी स्थिति जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही साफ होगी। ऐसी कोई घटना दोबारा न हो, इसके लिए भी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
--गुरिंदर मोहन सिंह, रेल प्रबंधक, अंबाला मंडल।