अंबाला। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब 21 दिन का प्रशिक्षण जरूरी नहीं रहा। परिवहन विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी कर इस प्रक्रिया को खत्म कर दिया है। अब पहली प्रक्रिया के तहत उपभोक्ताओं के लाइसेंस एसडीएम कार्यालय में ही बनेंगे और यहीं उनका टेस्ट भी लिया जाएगा।
सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के मकसद से सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को सख्त कर दिया था। जुलाई में घोषित प्रक्रिया के तहत लाइसेंस बनाने के लिए 21 दिन का प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया था। इस प्रक्रिया के कारण उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह आदेश खुद विभाग की गले गले की फांस बन गए थे। इसका कारण प्रशिक्षण स्कूलों की कमी सामने आया था।
हालांकि कुछ समय बाद आरटीए की तरफ से प्रशिक्षण स्कूलों को अनुमति दे दी गई थी, लेकिन लंबी प्रक्रिया और भारी-भरकम खर्च होने की वजह से उपभोक्ताओं ने लाइसेंस बनाने बंद कर दिए, वहीं एसडीएम कार्यालय में आने वाली लाइसेंस की फाइल भी 1-2 तक ही सिमट कर रह गई। उपभोक्ताओं को 21 दिन की ट्रेनिंग के लिए प्राइवेट स्कूलों पर निर्भर होना पड़ रहा था और इसके लिए 5 से 7 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे थे। जबकि पुरानी प्रक्रिया से पहले छावनी के अंत्योदय सरल केंद्र पर रोजाना 40 से 50 लाइसेंस बनते थे।
यह हैं आदेश
परिवहन ट्रांसपोर्ट कमिश्नर सह-सचिव भारत भूषण द्वारा जारी पत्र क्रमांक नंबर 38322/408 तिथि 20 अगस्त में इस बात का जिक्र किया गया है कि लाइसेंस के लिए 21 दिन की ट्रेनिंग अनिवार्यता जरूरी नहीं होगी और न ही इसकेे लिए धारक को बाध्य किया जाएगा।
पुरानी प्रक्रिया से बनेंगे लाइसेंस
सरकार व परिवहन आयुक्त के फैसले का उपभोक्ताओं ने स्वागत किया है। अब लर्निंग लाइसेंस के लिए पहले कंप्यूटर पर टेस्ट देना होगा। बाइक व स्कूटर के लिए 350 रुपये फीस, बाइक, स्कूटर व कार के लिए 650 रुपये और बाइक, स्कूटर, कार व ट्रैक्टर के लिए 900 से 950 रुपये देने होंगे। लर्निंग लाइसेंस की समय अवधि 180 दिन है, इसके बाद उपभोक्ता पक्का लाइसेंस बनवा सकेगा, वहीं पक्का लाइसेंस प्रक्रिया के तहत एसडीएम द्वारा निर्धारित कर्मचारी के समक्ष वाहन चलाकर दिखाना होगा। बाइक व स्कूटर की फीस 980 रुपये, बाइक, स्कूटर व कार की फीस 1280 रुपये, बाइक, स्कूटर, कार व ट्रैक्टर के लिए 1580 रुपये फीस जमा करानी होगी। इसके अलावा रेडक्रास की 300 रुपये की पर्ची भी कटेगी।
आदेश मिले
परिवहन आयुक्त हरियाणा की तरफ से 21 दिन की ट्रेनिंग अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब पुरानी प्रक्रिया के तहत ही लाइसेंस बनेंगे। इस संबंध में लोगों को जानकारी देने के लिए सोमवार को नोटिस भी चिपका दिया जाएगा।
-दीपक कुमार, लाइसेंस इंचार्ज।