खाद की किल्लत कितनी है, इसका नजारा नारनौल में शनिवार सुबह चार बजे दिखा। किसान खाद के लिए स्टेट हाईवे के बिक्री केंद्र के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो गए। हालांकि बिक्री केंद्र खुलने का समय सुबह नौ बजे है। किसानों का कहना था कि खाद की इतनी दिक्कत उन्हें पहले कभी नहीं आई।
खाद की कमी के चलते किसान बहुत ज्यादा परेशान हैं। नसीबपुर में डीएपी बिक्री केंद्र के बाहर शनिवार सुबह 4 बजे ही किसानों की लंबी कतार लग गई। किसान जान जोखिम में डालकर अंधेरे में ही स्टेट हाईवे के किनारे लाइन लगाकर खड़े हो गए। जबकि बिक्री केंद्र खुलने का समय सुबह 9 बजे का है। मदन एवं मनोज ने बताया कि किसान भूख, प्यास तथा घर के अन्य काम धंधे भूल गए हैं। केवल खाद ही उनकी प्राथमिकता है। खाद के लिए किसानों के परिवार सुबह चार बजे आकर लाइन में खड़े हो रहे हैं। सरसों उनकी मुख्य फसल है। अगर फसल की बुआई समय पर नहीं होगी, तो पैदावार कहां से होगी। इसी फसल के बलबूते किसान परिवार का पालन-पोषण करता है। प्रदेश सरकार ने किसानों को परेशान कर दिया है। खाद की इतनी कमी पहले कभी नहीं देखी गई।
1400 मीट्रिक टन खाद की आवक
बता दें कि इस समय सरसों की बिजाई का समय शुरू हो गया है। खाद के बिना बिजाई संभव नहीं है। पिछले कुछ दिनों से खाद की समस्या लगातार चल रही है। अलसुबह ही किसान खाद लेने के लिए ब्रिकी केंद्रों पर आकर खड़े हो जाते हैं और उसके बाद शाम तक खड़े रहकर वापस चले जाते हैं। किसानों को सुबह सर्दी तथा दोपहर में गर्मी की मार झेलनी पड़ रही है। प्रशासन ने बताया कि शुक्रवार की शाम को 1400 एमटी खाद पहुंच गया है।
बिक्री केंद्र खुलता है सुबह नौ बजे
खाद पहुंचने की सूचना शुक्रवार देर शाम को ही किसानों को लग गई थी। किसानों को जब शनिवार को खाद वितरण की सूचना मिली तो सुबह चार बजे ही नसीबरपुर को-ऑपरेटिव सोसायटी बिक्री केंद्र पर सैकड़ों की संख्या में पहुंच गए, ताकि उनका नंबर पहले आ जाए और खाद मिल जाए। सुबह 9 बजे ही बिक्री केंद्र खुलता है और उसके बाद खाद वितरण की कार्रवाई शुरू होती है।