दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने के बाद भले ही ‘आप’ की अंतर्कलह धरातल पर आ गई है, लेकिन गुड़गांव में इसका कोई प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। यहां कार्यकर्त्ताओं में दिल्ली फतह का जोश सिर चढ़कर बोल रहा है। पार्टी कार्यकर्त्ता यहां लगातार आम आदमी तक अपनी पहुंच बनाने में जुटे हैं। हैरानी की बात यह है कि भाजपा जैसी राष्ट्रीय पार्टी का शहर में कोई जिला स्तरीय कार्यालय नहीं है। वहीं, आप ने 50 कार्यालय खोल लिए हैं। इन कार्यालयों से आम आदमी को साधने का काम किया जा रहा है। इस बीच पार्टी ने गुरूवार तक 35,500 कार्यकर्त्ता जोड़ लिए हैं।
पिछले कई महीनों से भाजपा शहर में एक के बाद एक कई कार्यालय बदल चुकी है। सदर बाजार के बाद सिविल लाइन में कार्यालय खोला गया। फिर बादशाहपुर शिफ्ट कर दिया गया। कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद इसे भी बंद कर दिया। अभी भी पार्टी नेता कार्यालय की खोज में जुटे हैं। कई नेता अपने कार्यालय में बैठकर गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। अपने कार्यालय के दबदबे की बदौलत ही कई स्थानीय नेता पार्टी के बड़े नेताओं को हाईजैक कर अपने कार्यालय में ले जाते हैं।
दूसरी ओर, आप ने 50 जिला, खंड और बूथ स्तर पर 50 कार्यालय खोल लिए हैं। इनमें से शहर में 20 से अधिक कार्यालय हैं। आप के जिला संयोजक रमेश यादव ने बताया कि पार्टी लोगों तक अपनी पहुंच आसान बनाने के लिए यह प्रयास कर रही है। सभी गतिविधियां पार्टी कार्यालयों से संचालित की जा रही हैं। कार्यकर्ताओं के लिए कार्यालय पहली जरूरत है।