गोरखपुर। राजघाट के खोखरटोला में जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद के मामले में जेल में बंद सपा नेता जफर अमीन डक्कू को शुक्रवार को करीब 15 दिन बाद कोर्ट से जमानत मिल गई। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने महिला के बयान और सामने आए तथ्यों के आधार पर मुकदमे में छेड़खानी और हत्या की कोशिश की धाराएं बढ़ाई थीं।
एक सितंबर को खोखरटोला में जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि जफर अमीन डक्कू समर्थकों और सपा के शहर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी के साथ मौके पर पहुंचे थे। जमीन पर लगे टीनशेड और पाइप हटाने को लेकर महिलाओं से विवाद के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी और नोकझोंक हुई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।
महिला की तहरीर पर राजघाट पुलिस ने जफर अमीन डक्कू, शब्बीर कुरैशी समेत 12 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने डक्कू को पहले शांतिभंग की आशंका में चालान किया था। बाद में विवेचना के दौरान महिला के बयान के आधार पर हत्या की कोशिश और छेड़खानी की धाराएं बढ़ाई गईं। इन्हीं धाराओं में पुलिस ने न्यायालय से डक्कू की रिमांड भी ली थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो, गवाहों के बयान और जमीन से संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल की। शुक्रवार को अदालत ने डक्कू की जमानत अर्जी मंजूर कर दी।