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अपराजिता बनने के लिए आत्मविश्वास मजबूत करें महिलाएं : पंकज कुमार

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अपराजिता कार्यक्रम के तहत महाराणा प्रताप सीनियर सेकेंडरी स्कूल मंगला देवी मंदिर बेतियाहाता मे? - फोटो : GORAKHPUR CITY
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अपराजिता बनने के लिए आत्मविश्वास मजबूत करें महिलाएं : पंकज कुमार
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गोरखपुर। महाराणा प्रताप सीनियर सेकेंडरी मंगलादेवी मंदिर, बेतियाहाता की छात्राओं को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के साथ ही नारी गरिमा के सम्मान की शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों ने महिला सशक्तिकरण को लेकर अपने परिवार और रिश्तेदारों को जागरूक करने का संकल्प लिया। अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य पंकज कुमार ने कहा कि महिलाओं को अपराजिता बनना है तो महिलाएं आत्मविश्वास मजबूत करें।
प्रधानाचार्य ने कहा कि कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। वह ऑटो से लेकर प्लेन तक चला रही हैं। जरूरत बस अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा करने की है। आत्मविश्वास ही जीत दिलाता है। कहा कि सशक्तिकरण का अर्थ शक्तिशाली बनाने से है। इस कड़ी में अपराजिता मुहिम मील का पत्थर साबित होगी।
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इनका रहा सराहनीय योगदान
कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षिका रंजना सिंह, प्रियंका श्रीवास्तव, अभिलाष पांडेय, शिवानी, विरेंद्र मोहन त्रिपाठी, रजनी, सूर्यमनी, मनोरमा दुबे, तन्विका चतुर्वेदी, किरन चौधरी, शिल्पी सिंह, अनीता सिंह, सुंदरी मौर्या, सौरभ चौधरी, प्रखर वैभव सिंह, सुषमा त्रिपाठी समेत विद्यालय परिवार से जुड़े सभी लोगों का सराहनीय योगदान रहा।
महिलाओं को मिलेगा बल
अपराजिता मुहिम एक अच्छी पहल है। इससे महिलाओं को बल मिलेगा और नारी गरिमा को बरकरार रखने में यह पहल मील का पत्थर साबित होगी ।अपने हक के लिए महिलाएं आगे आ सकेंगी।
खुशी पांडेय, कक्षा 9
महिला सशक्तिकरण अहम मुद्दा
महिला सशक्तिकरण एक अहम मुद्दा है। पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को बराबरी का हक नहीं मिल पा रहा है। किसी की काबिलियत का अंदाजा उसके जेंडर से नहीं, मेधा से होता है।
तरन्नुम निशा, कक्षा 10
नारी गरिमा की प्रति क रुंगी जागरूक
अभियान से जुड़कर अच्छा लगा। अपने परिवार के साथ रिश्तेदारों और दोस्तों को भी नारी गरिमा के सम्मान के लिए प्रेरित करूंगी। ऐसे आयोजनों से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है। ऐसे कार्यक्रमों को और ज्यादा कराए जाने की आवश्यकता है।
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रिमझिम चौधरी, कक्षा 9
महिला अधिकारों के प्रति जागरूक होना वक़्त की मांग
महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार नहीं मिल सके हैं। आए दिन दहेज हत्या, महिला उत्पीड़न और दुष्कर्म के मामले सामने आना इसका उदाहरण है। नारियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।
अवंतिका गुप्ता, कक्षा 12
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