गोरखपुर में सरयू, राप्ती, रोहिन, गोर्रा आदि नदियों का जलस्तर बढ़ने से जिले के 51 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। करीब 30 हजार की आबादी व 3500 हेक्टेयर क्षेत्रफल बाढ़ से प्रभावित है। प्रभावित गांवों में फंसे लोगों की मदद के लिए प्रशासन ने 87 नावें लगाई हैं। लोगों के भोजन की व्यवस्था के लिए खाद्यान्न किट वितरित किया जा रहा है। राप्ती का जलस्तर अभी भी बढ़ रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि गुरुवार की शाम चार बजे सरयू और रोहिन नदी का जलस्तर कम होने लगा था।
नेपाल में हुई बारिश के चलते सोमवार को जिले की सभी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा था। इसके चलते गोरखपुर सदर, सहजनवां, चौरीचौरा, गोला, बांसगांव व खजनी तहसील के गांव बाढ़ के पानी से घिर गए। मुख्य अभियंता गंडक के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की शाम चार बजे राप्ती नदी बर्डघाट पर खतरे के निशान 74.98 मीटर से 70 सेंटीमीटर ऊपर 75.66 मीटर पर बह रही थी।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
रोहिन नदी का जलस्तर भी त्रिमुहानी घाट पर 83.34 मीटर पर था। अभी भी यहां नदी खतरे के निशान 82.44 मीटर से 90 सेंटीमीटर ऊपर है। इसके अलावा कुआनो नदी मुखलिसपुर बांध पर 77.34 मीटर पर है। यह नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर अयोध्या पुल पर 92.75 मीटर था जबकि यहां खतरे के निशान 92.73 मीटर पर है। नदी यहां खतरे के निशान से दो सेंटीमीटर नीचे आ गई है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
नदियों के जलस्तर में उतार चढ़ाव के बावजूद बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को अभी राहत नहीं मिल पाई है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 86 बाढ़ चौकियां सक्रिय की गईं हैं।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
अब जिले के 51 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इसमें सर्वाधिक 17 गांव गोरखपुर सदर तहसील के हैं। इसके अलावा सहजनवां क्षेत्र के सात, चौरीचौरा के एक, कैंपियरगंज के 12, गोला के 10, बांसगांव के दो और खजनी के दो गांव शामिल हैं। इन गांवों में कुल 87 नावें लगाई गईं हैं।
राहत व बचाव के लिए टीम गठित
जिला प्रशासन ने बाढ़ से घिरे गांवों के लोगों की मदद के लिए कर्मचारियों की टीम बनाई है। बृहस्पतिवार को इन टीमों ने प्रभावित गांवों में पहुंचकर लोगों को मदद दी। प्रशासन के अनुसार पांच मेडिकल टीमों ने 169 लोगों का उपचार किया। इसके अलावा 2045 क्लोरीन की गोलियां बांटी गईं। अब तक 12236 ओआरएस पैकेट बांटे गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 540 डोज एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा 805 राहत खाद्यान्न किट भी वितरित किया गया है।