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राष्ट्रीय पर्यटन दिवस: जून से चिलुआताल में दिखेगा रामगढ़ताल जैसा नजारा, हर साल बढ़ रही है पर्यटकों की संख्या

Thu, 25 Jan 2024 02:14 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि पर्यटन विकास के कार्यों में लगा हुआ है। इस साल जून तक चिलुआताल को पूरा कर लेने के तैयारी है। गौरव संग्रहालय के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। इस बजट में इको पार्क के लिए धनराशि जारी होने की उम्मीद है।
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राप्ती किनारे राजघाट पर फिल्म की शूटिंग करते कलाकार। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरक्षनगरी पर्यटन का हब बन चुकी है। इसकी चमक देशभर में फैलती जा रही है। पहले जहां पर्यटन के नाम पर गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस, तरकुलहा आदि स्थल ही थे। अब नया सवेरा समेत 50 से अधिक पर्यटन स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। हर साल यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। शहर में पांच सितारा होटल खुल रहे हैं। इस साल शहरवासियों को चिलुआताल लेक व्यू प्वांइट और गौरव संग्रहालय के रूप में दो पर्यटन स्थलों की सौगात मिलने वाले हैं।

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पर्यटन विभाग ने 50 से अधिक योजनाओं को मूर्त रूप देकर पर्यटकों को आकर्षित करने का काम किया है। आगे की योजनाओं में गौरव संग्रहालय, चिलुआताल लेक व्यू, कुसम्ही जंगल इको पार्क, रामगढ़ताल क्षेत्र में हैंगिंग रेस्टोरेंट, रामगढ़ताल में रोपवे संचालन, रामगढ़ताल में देश के सबसे ऊंचे फाउंटेन, शहर के इंट्री प्वाइंट नौसड़-कालेसर बंधे का और राजघाट पुल पर फसाड लाइट व सुंदरीकरण समेत दर्जनों योजनाओं पर काम चल रहा है।

 

जून तक बन कर तैयार हो जाएगा चिलुआताल लेकव्यू प्वाइंट
शहर के उत्तरी छोर पर स्थित चिलुआताल की सूरत बदल जाएगी। रामगढ़ताल की तरह चिलुआताल को भी खूबसूरत बनाने का काम तेजी से चल रहा है। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से यहां 560 मीटर लंबे घाट, गजेबिया, शौचालय, बेंच आदि के निर्माण का काम शुरू हो चुका है। ताल के सुंदरीकरण के बाद यह गोरखपुर के पर्यटन का नया ठिकाना बन जाएगा। ऐसे में अब तक यहां जो लोग आने से लोग कतराते हैं, आने वाले समय में यहां की खूबसूरती देखने पहुंचेगे और सुबह और शाम सैर करने के साथ चाय की चुस्कियां लें सकेंगे। इस कार्य के जून तक पूरा हो जाने का अनुमान है।

 
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गौरव संग्रहालय के लिए चल रही टेंडर की प्रक्रिया
शहर के लोगों को बुद्ध-वैदिक काल से जुड़ी स्थानीय कला, संस्कृति, वास्तु कला और शिल्प के माध्यम से गौरव का एहसास कराने के लिए सिविल लाइंस क्षेत्र में गौरव संग्रहालय का निर्माण होगा। शासन ने 20.16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस संग्रहालय के लिए बजट जारी कर दिया है। इसके टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि पर्यटन विकास के कार्यों में लगा हुआ है। इस साल जून तक चिलुआताल को पूरा कर लेने के तैयारी है। गौरव संग्रहालय के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। इस बजट में इको पार्क के लिए धनराशि जारी होने की उम्मीद है।
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