यात्रा करने के लिए ट्रेन के अंदर प्रवेश करने का प्रयास करते यात्री।
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वाल्मीकिनगर और छपरा जंक्शन पर चल रहे मेगा ब्लॉक के चलते बृहस्पतिवार को कई ट्रेनें विलंब से आईं। वैशाली एक्सप्रेस पौने दो घंटे और बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस करीब तीन घंटे देरी से गोरखपुर जंक्शन पर पहुंचीं। उमस भरी गर्मी में ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्री परेशान हो गए। वहीं निरस्त चल रही सत्याग्रह एक्सप्रेस के बहुत सारे यात्री भी जनरल टिकट लेकर पहुंच गए और पहले से भरी आ रही बिहार संपर्क क्रांति व वैशाली एक्सप्रेस में चढ़ने में धक्का-मुक्की करनी पड़ी।
जिन लोगों को रिजर्व टिकट नहीं मिल पा रहा है, वे जनरल बोगी में ही यात्रा को मजबूर हैं। जनरल बोगियों में पांव रखने की जगह नहीं है। गर्मी में शौचालय से लेकर सीढ़ी तक भरे पड़े हैं। बृहस्पतिवार को भी ऐसा ही नजारा था। दोपहर बाद तीन बजे जनरल टिकट काउंटर पर भीड़ लगी थी।
यात्री एक दूसरे से धक्का-मुक्की करते पहले टिकट पाने की कोशिश में लगे थे। बिहार से दिल्ली जा रहे रामभवन, बिरझन ने बताया कि बिहार संपर्क क्रांति में किसी तरह से घुसने की जगह मिल जाएगी तो सुबह दिल्ली पहुंच जाएंगे। उमेश ने कहा कि सत्याग्रह एक्सप्रेस से जाना था, अब गोरखधाम एक्सप्रेस में किसी तरह चढ़ने की कोशिश करूंगा। परिवार भी साथ है लेकिन जाना जरूरी है।
गोरखपुर-नरकटियागंज रूट पर वाल्मीकिनगर स्टेशन के पास नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य चल रहा है। इसके चलते 12 से 16 सितंबर के बीच सत्याग्रह समेत 20 ट्रेन निरस्त है तो वहीं कई ट्रेनें रास्ता बदलकर चलाई जा रही हैं। बिहार की तरफ से आने वाली कई ट्रेनों के निरस्त होने के चलते देवरिया-कुशीनगर समेत बिहार के गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण जिले के यात्री भी गोरखपुर पहुंचकर ट्रेन में सवार हो रहे हैं। इसके चलते भी स्टेशन पर भीड़ बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक, बृहस्पतिवार को बिहार संपर्क क्रांति ट्रेन शाम 3.45 बजे की बजाय 6.52 बजे गोरखपुर पहुंची। वहीं वैशाली एक्सप्रेस ट्रेन भी शाम 4.45 बजे की बजाय 6.32 बजे पहुंची।