गोरखपुर जिले में भाजपा ने जिस उम्मीद के साथ चुनाव मैदान में प्रत्याशी उतारे थे नतीजा वैसा नहीं आया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि 68 में से 20 सीटों पर ही भाजपा को जीत मिली है। यह संख्या बहुमत से 15 कम है।
हालांकि, नेता भाजपा के चार और हिंदू युवा वाहिनी (हिंयुवा) के एक बागी को अपना बता रहे हैं। ऐसा हुआ तो संख्या 25 हो जाएगी। इसके बावजूद बहुमत के लिए 10 जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन लेना पड़ेगा, तभी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज हुआ जा सकेगा।
भाजपा ने 68 जिला पंचायत वार्डों से प्रत्याशी उतारे थे। खूब प्रचार-प्रसार भी किया था। दावा था कि इस बार जिला पंचायत में बहुमत की सरकार बनाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। पार्टी के कई दिग्गज प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा है।
इसमें जंगल कौड़िया, भरोहिया क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले गोरख सिंह, बलबीर यादव व विजय शंकर यादव का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। बड़हलगंज, जंगलकौड़िया और पाली विकास खंड क्षेत्र में भी पार्टी को झटका लगा है। इन क्षेत्रों से ज्यादातर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा है।
हालांकि, पार्टी नेता अपना जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने का दावा कर रहे हैं। कह रहे हैं कि सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं। बागी व निर्दलियों को मिलाकर जिला पंचायत की सरकार बनाई जाएगी।
पार्टी की ओर से जारी विजयी प्रत्याशियों की सूची
वार्ड नंबर जीते प्रत्याशी
2 सुरेश पासवान
4 सुधा सिंह
9 राम उग्रह चौहान
15 सरोज देवी
19 साधना सिंह
20 रामपाल सिंह
24 संजय शुक्ल
26 दिव्या गुप्ता
29 राम बुझारत पासी
32 रत्ना शुक्ला
38 गौरीशंकर मिश्र
40 सीमा चंद
44 बालचंद सोनकर
49 मायाशंकर शुक्ल
56 मनोज कुमार शुक्ल
58 विशाल ध्वज सिंह
62 सरिता पासवान
66 पिंकी जायसवाल
63 सुनील गुप्ता
68 मंजू देवी
भाजपा के चार और हिंयुवा के एक बागी को अपना बता रहे
भाजपा से बगावत करके चुनाव लड़ने वाले चार और प्रत्याशियों को जीत मिली है। इन सबको पार्टी नेता अब अपना बता रहे हैं। हर बागी से बात की जा रही है। कहा जा रहा है कि पार्टी की विचारधारा के हिसाब से आगे बढ़ें। हिंदू युवा वाहिनी (हिंयुवा) के डॉ जय प्रकाश भारती भी गोला क्षेत्र से चुनाव लड़े और जीते हैं। वह अनुसूचित जाति की सीट से लड़े थे। डॉ जयप्रकाश को भी भाजपा अपना मान रही है।
उसका कहना है कि हियुवा के संरक्षक गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। डॉ जयप्रकाश का समर्थन मिलेगा। भाजपा के जिन बागियों को जीत मिली है, उनमें जंगल कौड़िया विकास खंड क्षेत्र से जुड़ी अन्य पिछड़ा वर्ग सीट से दिलीप सिंह का नाम शामिल है। दिलीप ने भाजपा प्रत्याशी गोरख सिंह को हराया है।
गोरख सिंह खुद को जिला पंचायत अध्यक्ष का दावेदार बता रहे थे, लेकिन बागी से चुनाव हार गए। पाली अनारक्षित से अवनीश उर्फ रोशन, खजनी तृतीय से अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित सीट से राम प्रकाश कन्नौजिया और कौड़ीराम-ब्रह्मपुर क्षेत्र से चुनाव जीतने वाली सावित्री यादव को भी भाजपा अपना बता रही है।
क्षेत्रीय भाजपा अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा ने सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं। बागी व निर्दलीयों से बातचीत करके जिला पंचायत की सरकार बनाई जाएगी। जैसे ही जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की तिथियां तय होंगी, वैसे ही रणनीति का खुलासा किया जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा का होगा।
ब्लॉक प्रमुखों का चुनाव लड़ेगी भाजपा
भाजपा ने भले ही क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव नहीं लड़ा था, लेकिन अब ब्लॉक प्रमुखों का चुनाव लड़ने का एलान किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा के तमाम कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र पंचायत का चुनाव लड़ा था। जीत भी मिली है। सबको साथ लेकर ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ा जाएगा। गोरखपुर में 20 विकास खंड हैं। हर विकास खंड में भाजपा का ब्लॉक प्रमुख बने, इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
भरोहिया में पहली बार ब्लॉक प्रमुख बनेगा। इस पर भी निगाह है। गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक विपिन सिंह की पत्नी नीता सिंह कौड़ीराम से ब्लॉक प्रमुख की दावेदारी कर सकती हैं। कैंपियरगंज से विधायक फतेहबहादुर सिंह के बेटे कुंअर विविश्वान सिंह और पाली विकास खंड से जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह सैंथवार की पत्नी मीना सिंह ब्लॉक प्रमुख की दावेदरी कर सकती हैं। इन सबने क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा व जीता है। कुछ का चुनाव निर्विरोध हुआ है।