कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए गोरखपुर सहित पुरे उत्तर प्रदेश में नाईट कर्फ्यू का फैसला लिया गया है। सरकार ने शनिवार यानी 25 दिसंबर से नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। जिसके तहत कल से रात के 11 बजे से सुबह 05 बजे तक रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू लागू होगा। इस दौरान शादी-विवाह आदि सार्वजनिक आयोजनों में कोविड प्रोटोकॉल के साथ अधिकतम 200 लोगों के शामिल होने की अनुमति होगी।
कोरोना जांच की संख्या बढ़ाई गई
ओमिक्रॉन के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग प्रतिदिन करीब चार हजार लोगों के नमूने जांच के लिए भेज रहा है। राहत की बात यह है कि 21 अक्तूबर के बाद जिले में एक भी संक्रमित नहीं मिला।
जानकारी के मुताबिक कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले, स्वास्थ्य विभाग ने जांच का दायरा फिर से बढ़ाना शुरू कर दिया है। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस स्टेशन पर जांच बूथ बना दिए गए हैं। विभाग का दावा है कि इन स्थानों पर यात्रियों की जांच की जा रही है। जांच के लिए नियमित बूथों की संख्या भी 58 कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ेगा तो संक्रमण की पहचान सही समय पर हो जाएगी। इससे मरीजों के इलाज में आसानी होगी। सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने कहा कि जिला कोरोना मुक्त हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूरी है। अगर लापरवाही की गई तो नया वैरिएंट तेजी से फैल सकता है। लिहाजा, एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच के लिए करीब चार हजार नमूने लिए जा रहे हैं।
बीआरडी में बढ़ती जा रही है संदिग्ध मरीजों की संख्या
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 300 बेड के कोविड वार्ड में संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। मौजूदा समय में 16 मरीज वार्ड में भर्ती हैं। इनमें से दो मरीज कोरोना पॉजिटिव शामिल हैं। इसके अलावा 14 मरीज ऐसे हैं, जिनमें कोरोना के लक्षण तो हैं, लेकिन उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। कॉलेज प्रशासन इनका भी इलाज कोविड-19 की तर्ज पर कर रहा है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि 300 बेड के कोविड वार्ड में केवल दो कोरोना मरीज भर्ती हैं। इनका इलाज जारी है। मेडिसिन वार्ड में संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे मरीजों की एंटीजन से लेकर आरटीपीसीआर जांच कराई जा रही है।
आठ लाख लोगों को नहीं लगा टीका
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि जिले के आठ लाख लोग ऐसे हैं, जिन्हें अब तक एक भी डोज नहीं लगी है। ऐसे लोगों से अपील की जा रही है कि बूथों पर पहुंचकर टीका जरूर लगवाएं। टीकाकरण के लिए प्रतिदिन 300 बूथ बनाए जा रहे हैं। गांवों और मोहल्लों में जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी टीकाकरण के लिए लगाई गई है।