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यूपी: सीएम से मिले श्री गुरु सिंह सभा के यूपी संस्थापक, बोले- कनाडा में वार्ता के जरिए ही शांति,मैंने किया था

Thu, 28 Sep 2023 02:36 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

श्री गुरु सिंह सभा के यूपी संस्थापक अध्यक्ष एवं चेयरमैन कानुपर तथा पूर्व एमएलसी कुलदीप सिंह गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने गए थे। उन्होंने भविष्य में सिखों के मुद्दों पर डेलीगेट के मिलने के लिए समय भी मांगा है और एक मांग पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय में दिया।
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सीएम योगी से मिले श्री गुरू सिंह सभा के यूपी संस्थापक कुलदीप सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सिखों पर हो रहे हमलों को सख्ती से रोका जाए। कानपुर में हुए अनमोल दीप सिंह पर हमले ने सिख जगत को हिला दिया है। 1984 के दंगे के दर्द का दंश आज भी सिख झेल रहे हैं। उन्हें आज भी उचित मुआवजे का इंतजार है। कनाडा में एक बार फिर खालिस्तान समर्थकों को संरक्षण दिया जाने लगा है। 1980 के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने मुझेअमेरिका, कनाडा और लंदन के दौरे पर भेजा था और वहां छह माह रुककर गुमराह युवा वर्ग को सही स्थिति समझाने में कामयाब भी हुआ था। आज भी ब्लू प्रिंट मेरे पास है। सरकार को वार्ता के जरिए शांति स्थापित कर सकती है।
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यह कहना है श्री गुरु सिंह सभा के यूपी संस्थापक अध्यक्ष एवं चेयरमैन कानुपर तथा पूर्व एमएलसी कुलदीप सिंह का, जो बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने गए थे। उन्होंने भविष्य में सिखों के मुद्दों पर डेलीगेट के मिलने के लिए समय भी मांगा है और एक मांग पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय में दिया। पूर्व एमएलसी ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि हमने मुख्यमंत्री से कानपुर में अनमोल दीप सिंह पर हुए हमले के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई कर गिरफ्तारी की मांग की है।

उन्होंने बताया कि जब विदेशी धरती पर 1980 के दशक में गंगा सिंह ढिल्लो और जगजीत सिंह चौहान ने सिखों के लिए आजादी यानी खालिस्तान की आवाज उठाई थी तो उस आवाज को दबाने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने मुझे अमेरिका, कनाडा और लंदन भेजा था।
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वहां बातचीत के आधार पर युवाओं का भ्रमजाल तोड़ा था कि भारतवर्ष में सिखों के साथ दूसरे दर्जे के नागरिक जैसा व्यवहार होता है। यही वजह है कि आज भी वहां के गुरुद्वारों में कब्जा नरमपंथियों का है। इसी प्रकार वर्ष 1982 में अकालियों को केंद्र सरकार के साथ वार्ता के लिए राजी कराने गया था। राजीव लोगोंवाला समझौता में भी मैंने अहम भूमिका निभाई थी।
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