गोरखपुर शहर के हांसूपुर वार्ड स्थित बर्फखाना के पास बन रहा नाला 24 घंटे में ही गिर गया। शिकायत पर नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता के साथ मौके का निरीक्षण किया। ठेकेदार की दलील है कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ी से ठोकर लगने के बाद ढलाई में दरारें आ गई हैं। वहीं, नगर आयुक्त ने ठेकेदार को नोटिस देते हुए निर्माण सामग्री के नमूनों को जांच के लिए भेजने का निर्देश दिया है।
बता दें कि बर्फखाना से लेकर राजघाट चौराहे तक 7.50 लाख रुपये की लागत से सीसी नाला बनाया जा रहा है। ठेकेदार ने सोमवार को ढलाई कराई थी। मंगलवार को नाले से निकले सिल्ट को उठाने के लिए स्थानीय पार्षद संजय श्रीवास्तव ने नगर निगम की जेसीबी लगाई थी। ठेकेदार के मुताबिक, जेसीबी से सिल्ट उठाने के दौरान ठोकर लगने से नाले की ढलाई में दरारें आ गईं। उसका कहना है कि उसने इसकी शिकायत पार्षद से की, जिस पर पार्षद ने जेई राजकुमार को सूचना दी। जेई ने नाले को तोड़कर नए सिरे से 15 मीटर नाला बनाने के लिए कहा है।
बुधवार को नाले का निर्माण हो रहा था कि स्थानीय नागरिकों की शिकायत पर नगर आयुक्त अविनाश सिंह निरीक्षण करने पहुंच गए। ठेकेदार ने पार्षद की मौजूदगी में अपनी बात रखी, लेकिन इससे नगर आयुक्त संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने निर्माण सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजने के साथ ठेकेदार को नोटिस देने का निर्देश दिया।
मामले में पार्षद संजय श्रीवास्तव का कहना है कि नगर आयुक्त से पूरा प्रकरण बता दिया गया है। नाला निर्माण नए सिरे से कराया जा रहा है। मुख्य अभियंता सुरेश चंद ने बताया कि ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।