स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने मिलकर क्लीनिक को सील कर दिया।
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डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने चौरीचौरा के भोपा बाजार में चल रहे यश पाली क्लीनिक की जांच की। यहां अवैध रूप से मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जा रहा था। साथ ही आशंका व्यक्त की गई है कि प्रसव पूर्व लिंग की भी जांच की जाती है। इस पर संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड को कब्जे में लेते हुए क्लीनिक को सील कर दिया गया है।
उप जिला स्वास्थ्य एवं शिक्षा अधिकारी सुनीता पटेल ने बताया कि जांच के दौरान पाली क्लीनिक में 15 से 20 महिलाएं मौजूद थीं। उसमें कुछ गर्भवती भी थीं। मौके पर अल्ट्रासाउंड पोर्टेबल मशीन भी बरामद की गई है। अल्ट्रासाउंड सेंटर के पंजीकरण और प्रमाणपत्र की मांग की गई, लेकिन डॉ. प्रतिमा कोई दस्तावेज नहीं दिखा सकीं। क्लीनिक पर दवाएं भी मिली हैं। जबकि, मेडिकल स्टोर का लाइसेंस नहीं है। क्लीनिक भी पंजीकृत नहीं है। इसकी वजह से उसे सील कद दिया गया।
बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन पर सीरियल नंबर को मिटा दिया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि यह जानबूझकर किया गया है। बताया कि पकड़ी गई डॉक्टर पर पिछले साल भी पीसीपीएनडीटी एक्ट का मुकदमा दर्ज हो चुका है। वह जेल भी जा चुकी हैं। जेल से रिहा होने के बाद फिर से अवैध रूप से सेंटर को संचालित कर जांच कर रही थीं। मामले में कार्रवाई के दौरान बरामद अल्ट्रासाउंड मशीन को पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है।
इस मामले में संबंधित डॉक्टर के खिलाफ भी तहरीर भी दी गई है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर डॉ. प्रतिमा को गिरफ्तार कर लिया है। टीम में अपर नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा, उप जिला मजिस्ट्रेट रजत वर्मा और उप जिला स्वास्थ्य एवं शिक्षा अधिकारी सुनीता पटेल मौजूद रहीं। चौरीचौरा एसओ मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर डॉ. प्रतिमा की गिरफ्तार की गई है।