गोरखपुर-अहमदाबाद स्पेशल एक्सप्रेस ( 09490) की रेक में बुधवार को स्लीपर का एक अतिरिक्त कोच नहीं लगने से करीब 55 यात्रियों को बर्थ नहीं मिल पाई। यात्री प्लेटफार्म पर भटकते रहे। रेलवे प्रशासन ने मामले में लापरवाही पर देर रात आरक्षण पर्यवेक्षक (सीआरएस) और चार्टिंग इंचार्ज को निलंबित कर जांच शुरू करा दी है।
रेलवे स्टेशन पर रात नौ बजे के आसपास ट्रेन प्लेटफार्म लगने के बाद यात्री अपने कोच में जाकर बैठने लगे लेकिन कुछ यात्रियों को एसई नंबर का कोच ही नहीं मिल रहा था। टिकट चेकिंग स्टाफ पहुंचा तो उनके भी कान खड़े हो गए। कोच कंडक्टर के चार्ट में भी एसई नंबर का कोच तो दर्ज था लेकिन ट्रेन में कोच नहीं लगा था।
ट्रेन छूटने के समय पता चला कि रेक में एसई नंबर का अतिरिक्त कोच ही नहीं लगा है। ट्रेन निर्धारित समय 9.30 बजे रवाना हो गई। बिना बर्थ के यात्री भी विभिन्न बोगियों में चढ़ गए। मिली जानकारी के अनुसार मध्य रेलवे की इस ट्रेन में अहमदाबाद से ही अतिरिक्त कोच नहीं लगा था।
पूर्व घोषणा के आधार पर यात्रियों ने अतिरिक्त कोच में टिकट बुक करा लिया था। ट्रेन में अतिरिक्त कोच नहीं होने के बाद भी सीआरएस ने चार्ट तैयार कर जारी कर दिया। संबंधित विभाग और अधिकारियों को भी इसकी जानकारी नहीं दी।
सीपीआरओ एनईआर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि जिन यात्रियों को सीट नहीं मिली थी उन्हें दूसरे कोच में बैठाकर भेजा गया। लापरवाही के आरोप में दो रेलकर्मियों को निलंबित कर जांच बैठा दी गई है।