एसपी क्राइम ने बताया कि ईजी-पे कंपनी पेमेंट गेटवे की सुविधा पूरे देश में चलाती है। जिले में करीब नौ हजार एजेंट हैं, जो आधार से पैसा निकालने, मनी ट्रांसफर का काम करते हैं। इन्हीं में से कुछ एजेंट ईजी-पे कंपनी के एप का गलत इस्तेमाल कर फर्जीवाड़े को अंजाम देते थे। ये लोग हैदराबाद, आंध्र प्रदेश के आसपास के ग्राहकों का आधार कार्ड संख्या और फिंगर प्रिंट के माध्यम से खाते से रकम उड़ा रहे थे। मामले में चार एजेंटों को चिह्नित कर पुलिस तलाश में जुट गई है।
इस तरह करते थे जालसाजी
ईजी-पे एक पेमेंट गेटवे-कंपनी है, जो मनी ट्रांसफर, आधार से रुपये निकालने और ऑनलाइन रिचार्ज का काम करती है। कंपनी के एजेंट भूलेख की वेबसाइट से हैदराबाद और उसके आसपास के ग्राहकों का भूलेख की वेबसाइट से ग्राहकों के रजिस्ट्री पेपर डाउनलोड करते थे। उसमें दर्ज आधार कार्ड और अंगूठे के निशान को लिटमस पेपर पर प्रिंट कर के प्रिंटिंग इन्हैंसर की मदद से फ्रिंगर प्रिंट की नकल कर लेते थे।
इसकी मदद से ग्राहक के खाते से अनधिकृत रूप से रुपये निकालकर आधार एनेब्ल्ड पेमेंट सर्विस की मदद से रोज 10 हजार की धनराशि निकालते थे। इसके बाद उस रुपये को ईजी-पे कंपनी के वॉलेट में ट्रांसफर कर देते थे। कंपनी के वॉलेट से बाद में किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर उस रुपये को एटीएम से निकाल लेते थे।