उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में बांसी कोतवाली क्षेत्र धवर गांव में शुक्रवार सुबह गड्ढे में नहाने गए सगे भाई और बहन की डूबने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों के पोस्टमार्टम नहीं कराने के आग्रह पर पंचनामा करके सुपुर्द कर दिया। वहीं मौत के बाद से परिवार में कोहराम मच गया। मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
तिलौली क्षेत्र के धवर गांव निवासी राजदेव चौधरी का गांव के बाहर तालाब है, जिसमें वह मछली का पालन करते हैं। बताया बताया जा रहा है कि घर पांच सौ मीटर दूर स्थित तालाब पर उनकी पुत्री स्नेहा (10) और पुत्र आयुष (8) गांव के अन्य बच्चों के साथ शुक्रवार सुबह नहाने के लिए गए थे। दो एक साथ तालाब में कूदे और पानी अधिक होने के कारण डूबने लगे।
उन्हें डूबता देख अन्य बच्चे दौड़ते हुए गांव पहुंचे और मामले की जानकारी। मगर जब तक परिवार के लोग मौके पर पहुंचते दोनों डूब चुके थे। इसके बाद ग्रामीणों को ने दोनों को बाहर निकाला और तिलौली अस्पताल पर ले गए, जहां चिकित्सकों ने देखते ही दोनों को मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद शव को लेकर घर चले आए। उधर मामले की जानकारी बांसी पुलिस को हुई तो वह मौके पर पहुंच गई। मगर परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। इसके बाद लिखापढ़ी करके सुपुर्द कर दिया। कोतवाल बांसी छत्रपाल सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर गई थी। परिजनों के आग्रह के बाद लिखापढ़ी करके शव को सौंप दिया गया।
अपने ही तलाब में डूब गए भाई और बहन
सगे भाई और बहन की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया। लोगों का कहना था कि तालाब मछली पालन करने के लिए राजदेव चौधरी वर्ष गर्मी में बनवाया था। मगर उन्हें क्या पता था कि यही तालाब उन्हें बड़ा जख्म देने वाला है। एक साथ दो पुत्री और पुत्री की मौत परिवार तो परेशान है ही। घर पहुंचने वाले हर व्यक्ति की आंखे नम हो जाती थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लोगों के मुताबिक राजदेव के पास तीन बेटी और एक बेटा था। आयुष इकलौता चिराग था जो बुझ गया। मौत के बाद मां रोते- रोते बेहोश हो जा रही है।