फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुशखबर: नए साल पर शहरवासियों को मिलेगा दो प्रेक्षागृह का तोहफा, ऐसे हो रहा काम

Thu, 09 Sep 2021 07:33 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

एमएमएमयूटी में 2000 एवं रेलवे 500 क्षमता का बन रहा है प्रेक्षागृह, दिसंबर तक दोनों प्रेक्षागृह को बनाकर तैयार करने का है लक्ष्य।
विज्ञापन
गोरखपुर प्रेक्षागृह। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर शहरवासियों को नए साल पर दो अति आधुनिक सुविधाओं वाले प्रेक्षागृह का तोहफा मिल जाएगा। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में 2000 सीट की क्षमता वाला निर्माणाधीन प्रेक्षागृह पूर्वांचल का सबसे बड़ा प्रेक्षागृह होगा। वहीं रेलवे महाप्रबंधक कार्यालय के पीछे 500 लोगों की क्षमता वाला प्रेक्षागृह दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएगा। इनके बनने से यहां के स्थानीय कलाकारों को भी आयोजनों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, साथ ही राज्य स्तरीय आयोजनों की मेजबानी का भी अवसर मिलेगा।
विज्ञापन


एमएमएमयूटी में निर्माणाधीन प्रेक्षागृह दो मंजिला है। दो वर्षों से इसके निर्माण की गति धीमी थी। कुलपति प्रो जेपी पांडेय ने पिछले वर्ष कार्यभार संभालने के बाद इसके निर्माण को लेकर प्रयास किया। जिसके बाद कार्यों में तेजी आई। अब इसके निर्माण की मॉनीटरिंग सीधे राजभवन और शासन स्तर से की जा रही है। भवन का ढांचा बनकर तैयार हो गया है अब आंतरिक कार्य कराए जा रहे हैं। दिसंबर तक इसे बनाने का लक्ष्य शासन ने तय किया है।

नए साल पर रेलवे प्रेक्षागृह के उद्घाटन की तैयारी
रेलवे महाप्रबंधक कार्यालय के पीछे बन रहा प्रेक्षागृह में भी अंतिम चरण में कार्य चल रहा है। रेल प्रशासन ने 31 दिसंबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। एक जनवरी का उद्घाटन कराने की तैयारी है। दरसअल, रेलवे की ओर से वर्ष भर में कई बड़े सांस्कृतिक आयोजन कराए जाते हैं। इसमें रेलवे स्काउट एंड गाइड का महाशिवराग्नि कार्यक्रम प्रमुख है। इसके अलावा, रेलवे के रंगमंच कलाकारों की टीम को प्रैक्टिस करने के लिए कोई जगह नहीं है। बड़े आयोजन सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम में ही कराने पड़ते हैं।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें- गोरखपुर में डेंगू ने दी दस्तक, दो मरीज मिले

खुले में आयोजन कराने पर साज-सज्जा, पंडाल, कुर्सी आदि की व्यवस्था में भी काफी खर्च होता है। प्रेक्षागृह बन जाने से कलाकारों को काफी सहूलियत होगी और रेलवे के धन की भी बचत होगी। भविष्य में प्रेक्षागृह को सांस्कृतिक आयोजनों के लिए किराए पर भी देने की योजना है। इससे रेलवे प्रशासन की अतिरिक्त आय भी होगी, इससे मेंटेनेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
विज्ञापन


पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि प्रेक्षागृह के निर्माण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। 31 दिसंबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, इसके पहले निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें