अरबाज ने अपने लैपटॉप से टीम व्यूवर डाउनलोड किया। इसके माध्यम से केटी ने अरबाज के लैपटॉप पर सेटअप बनाया। अरबाज का लैपटॉप VIRTUAL MACHINE tks CLOUD SPACE पर होता था। (इसका डाटा लैपटाप पर नहीं होता है) उसने बताया कि केटी अंतरराष्ट्रीय कॉल को मेरे सिम बाक्स के जरिये कस्टमर से आधिकारिक टेलीफोन एक्सचेंज को बाईपास कराके बात करा देता था। इस तरह अंतरराष्ट्रीय कॉल का हमें 15 पैसे प्रति मिनट मेरे पूर्वाचल बैंक खाते में केटी द्वारा भेज दिए जाते थे। इस कार्य के लिये तेज नेट के लिए रेल वेयर का इंटरनेट कनेक्शन लिया था।
रुपये कमाने के लालच में शुरू किया था काम
आरिफ ने पूछताछ में बताया कि वह वर्ष 2019 में कुवैत में था, वहां फैयाज नाम का व्यक्ति मिला, जिसने मुझे बताया कि भारत कॉल करने के लिए सस्ते दर पर बात होती है, फिर मेरी बात केटी से करवाई। उसने बताया कि सिम सेट अप बॉक्स ले लो, सस्ते दर पर बात हो जाएगी एवं पैसे भी कमा लोगे। उसने 150 दीनार सिमसेट अप बॉक्स की कीमत बताई, तब मैंने 50 दीनार केटी के बताए खाते में जमा किया तथा अरबाज ने केटी से बात करवाई। केटी ने सिम सेट अप बॉक्स कूरियर से सिंगापुर से दिसंबर 2019 में भेजवाया था, फिर जब मैं वापस भारत आया तब से हम दोनों ये काम कर रहे थे।
ये बरामद हुए
पुलिस ने उनके कब्जे से 2160 रुपये नगद, एक सिम बाक्स (100 नेट शेयर स्लाट) मोबाइल फोन (विभिन्न कम्पनियों के), 69 नेट सेंटर, 24 सिमकार्ड (एयरटेल और वीआई), 2 लैपटाप, प्रिंटर सहित 3 राउटर, एटीएम कार्ड एसबीआई, 2 मोबाइल, 1 टूलकिट, 2 पैनकार्ड, 4 फर्जी/कूटरचित आधार कार्ड, 2 फर्जी / कूटरचित मतदाता पहचान पत्र बरामद किया।