नेपाल में ट्रकों की एंट्री की रफ्तार धीमी है। जिससे नेपाल सीमा से एकसड़वा तक लंबा जाम लग गया। करीब 15 किमी. तक एक लेन में ट्रक खड़े हैं। जाम में फंसे ट्रकों के चालक परेशान हैं। इन दिनों नेपाल में लॉकडाउन सामाप्त होने के कारण भारत से नेपाल जाने वाले ट्रकों की संख्या बढ़ गई है।
व्यापारियों के मुताबिक छह माह पूर्व जहां सात से आठ सौ ट्रक नेपाल में प्रवेश करते थे। वहीं अब तीन सौ को प्रवेश मिल पाना मुश्किल है। इस वजह से लंबी कतार लग जा रही है। नेपाल के व्यापारी लॉकडाउन समाप्त होने के कारण सामान मंगा रहे हैं। सीमा पर बंगाल, असम, हल्दिया पोर्ट, दिल्ली, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, सहित उत्तरप्रदेश के लखनऊ, कानपुर, बनारस, गोरखपुर, प्रयागराज, नोएडा, गाजियाबाद की गाड़ियां फंसी हैं।
नेपाल भंसार कार्यालय चीफ रवि पारिख ने बताया कि तीन दिनों से बंदी के कारण समस्या हो गई। प्रयास है कि तेजी से गाड़ियों को पास किया जाए, जिससे अधिक से अधिक गाड़ियां आ सके। समस्याओं को ध्यान में रखते हुए तेजी से काम किया जा रहा है। क्षेत्राधिकारी नौतनवां अजय सिंह चौहान ने बताया कि गाड़ियों को नियमानुसार भेजा जा रहा है। कहीं भी गाड़ियां कतार तोड़कर आगे नहीं बढ़ रही हैं। पुलिस कर्मी इसे लेकर सतर्क हैं।
क्या कहते हैं परेशान ट्रक चालक
मध्यप्रदेश से आए ट्रक चालक सुदर्शन सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश से नेपाल भैरहवां के लिए मुर्गी दाना ले जाना है। तीन दिन से सोनौली सीमा पर फंसे हैं। अभी बॉर्डर आठ किलोमीटर दूर है। कितने दिन लगेगा। कुछ पता नहीं है।
दिल्ली के ट्रक चालक मोहम्मद असलम ने बताया कि पुरानी दिल्ली से काठमांडू के लिए किराने का सामान लदा है। सोनौली सीमा पर एक सितंबर को पहुंचा था। लेकिन आज पांच तारीख हो गई। अभी भी गाड़ी छह किमी पीछे है। लाइन आगे नहीं बढ़ रही है। कुछ गाड़ियां रात के अंधेरे में निकल रही है। हम लोग निकलते हैं तो पुलिस वाले जुर्माना वसूलते हैं।
इन सामानों से लदी गाड़ियां नहीं लगती कतार में
हरी सब्जी, फल, फूल, गैस, पेट्रोल डीजल की गाड़ियां सीधे जाती हैं। जरूरी सामाग्री से लदी गाड़ियों को कतार में ज्यादा देर तक नहीं खड़ा किया जाता है। इन गाड़ियों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश मिलता है।
कतार से कटिंग का खेल शुरू
सोनौली सीमा पर इस समय नो मेंस लैंड से लेकर करीब 15 किलोमीटर नौतनवां के चंडी थान तक मालवाहक ट्रकों का जाम लगा हुआ है। हरी फल सब्जी की आड़ में कटिंग का खेल तेजी से शुरू हो गया है। सूत्र बताते हैं कि रात दस बजे से शुरू वाहनों की लाइन से कटिंग का खेल सुबह पांच बजे तक जारी रहता है। गाड़ियों को फल और सब्जी के नाम आगे भेज दिया जाता है।