कुछ वर्ष पहले जो हार 20 से 22 ग्राम वजन में बनता था, अब 10 से 12 ग्राम में बन जा रहा है। एक ग्राम से लेकर 900 मिलीग्राम के भार में भी अंगूठी बाजार में उपलब्ध है।
घंटाघर में एक वेंडर के पास 55 कारीगर
घंटाघर में एक स्थानीय वेंडर ने स्थानीय हुनर को बढ़ावा देने के लिए अपने यहां 55 कारीगरों को रोजगार दिया। यहां प्रतिदिन सस्ते और टिकाऊ आभूषण तैयार किए जाते हैं। वह अपने यहां से आभूषण तैयार कर शहर के बड़े और प्रतिष्ठित व्यापारियों तक पहुंचाते हैं।
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परंपरा जेम्स एंड ज्वेलर्स निदेशक संजय अग्रवाल ने कहा कि लोकल फॉर वोकल की देन है कि इस समय एक ग्राम के भार में सोने की अंगूठी भी बाजार से खरीद सकते हैं। इस बार त्योहार में हल्के और भारी दिखने वाले आभूषणों की मांग बढ़ी है।
निदेशक परिवार ज्वेल्स एंड जेम्स मो. आजिब ने कहा कि ग्राहकों के पसंद का खास ख्याल रखते हुए हल्के और भारी दिखने वाले सभी वर्गों के आभूषणों की आकर्षक डिजाइन तैयार करवाई गई है।