रूट नंबर एक
अलीनगर जैन मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, दाऊजी मंदिर, जटाशंकर गुरुद्वारा, मानसरोवर मंदिर, सूर्यकुंड, गोरखनाथ मंदिर और लाइट एंड साउंड शो।
रूट नंबर दो
गीता वाटिका, विष्णु मंदिर, मंडलीय कारागार, सेंट जॉन्स चर्च, टेराकोटा गांव औरंगाबाद, रेलवे स्टेशन, सेंट एंड्रूयूज कॉलेज, कमिश्नर कार्यालय, मशहूर शायर फिराक गोरखपुरी का आवास, स्वामी परमहंस योगानंद की जन्मस्थली।
रूट नंबर तीन
नेहरू पार्क, हनुमान गढ़ी, मोती जेल, बसंत सराय, जामा मस्जिद, घंटाघर, बंगाली काली बाड़ी, गीता प्रेस और चित्र मंदिर।
रूट नंबर चार
विंध्यवासिनी पार्क, रेलवे म्यूजियम, रामगढ़ताल, नक्षत्रशाला, चिड़ियाघर, प्रेमचंद स्मारक, मुबारक खां शहीद का आस्ताना, क्राइस्ट चर्च, गोरखपुर क्लब, नगर निगम भवन और इमामबाड़ा।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि देश-दुनिया से बड़ी संख्या में पर्यटक गोरखपुर आते हैं, लेकिन बिना रुके आगे चले जाते हैं। पर्यटकों को रोकने के लिए स्थानीय धरोहरों को दिखाने के लिए वाराणसी और आगरा के तर्ज पर ‘हेरिटेज वॉक’ शुरू कराने की तैयारी है। इसके लिए इंटेक से सामंजस्य स्थापित कर कार्य किया जा रहा है।
सह संयोजक इंटेक अचिंत्य लाहिड़ी ने कहा कि ‘हेरिटेज वॉक’ के लिए पर्यटन विभाग ने संपर्क किया था। महानगर में स्थित प्रमुख धरोहरों को चार रूटों में बांटकर एक सूची बनाई है जिसे पर्यटन विभाग को दे दिया है। जल्द ही पर्यटक ‘हेरिटेज वॉक’ के माध्यम से महानगर की प्रमुख धरोहरों को देख सकेंगे।