मेस का संचालन नहीं हो रहा तो करें क्या?
छात्रों ने आरोप लगाया कि नवम्बर में छात्रावास एलाट करते समय ही करीब 19 हजार रुपये मेस के मद में विश्वविद्यालय प्रशासन ने जमा कराए थे। इसके बाद जनवरी में सिर्फ एक महीने मेस चला। उसके बाद से मेस बंद है। इसकी वजह से मजबूरी में खाना बनाने के लिए विवश है। जबकि, इसकी जानकारी कई बार विवि प्रशासन को दी है। उसके बाद भी कोई पहल नहीं हुई। ऐसी स्थिति में हीटर भी नष्ट कर दिया गया। अब खाना बनाने की दिक्कत होगी।
सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन पर माने हॉस्टल के छात्र
विवि प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद छात्रों ने लामबंदी शुरू कर दी। रात में करीब नौ बजे के आसपास सौ की संख्या में छात्र जुटे और सड़क पर बाल्टी, थाली, प्लेट, गिलास लेकर प्रदर्शन करने लगे। सड़क जाम की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर कैंट, चीफ वार्डेन प्रो. एसके सिंह, वार्डेन प्रो. उमेश यादव वहां पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट ने छात्रों को आश्वासन दिया कि शुक्त्रस्वार से ही छात्रावासियों के लिए टिफिन की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद वह माने।
कुलाधिपति के ओएसडी ने भी जताई थी नाराजगी
कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के ओएसडी डॉ. पंकज एल जानी ने भी दो अप्रैल को विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान छात्रावासों का भी निरीक्षण किया था। इस दौरान वहां की व्यवस्था और छात्रावासों में हीटर के प्रयोग पर पर नाराजगी जताई थी।