जमीन के विवाद में अधिवक्ता की मदद लेने गए भाइयों से 3 लाख की जालसाजी का मामला सामने आया है। आरोप है कि अधिवक्ता ने दुष्कर्म के मामले में भाइयों को जेल भेजने की धमकी देकर रफा-दफा करने के नाम पर रुपये हड़प लिए। पीड़ित की शिकायत पर एसएसपी ने मामले की जांच कराई। मामला फर्जी पाए जाने पर अधिवक्ता के खिलाफ कूट रचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी, रुपये हड़पने और धमकी देने की धाराओं में का केस दर्ज कर लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, बेलघाट के सुकरौली निवासी रमेश पाल का गांव में जमीन विवाद है। वह दिल्ली में मजदूरी करता है। इस वजह से अधिवक्ता को दस्तावेज सौंप कर दिल्ली चला गया। आरोप है कि कुछ दिनों बाद उसके मोबाइल पर अलग-अलग नंबरों से संदेश आने लगा, जिसमें दो लड़कियों का नाम लिखा था और संदेश था कि कोर्ट में दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट का मुकदमा दायर किया है। निर्धारित तिथि पर वह कोर्ट में उपस्थित हो।
संदेश के बारे में अधिवक्ता को बताया तो उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। जिसमें तुम्हारा भाई भी आरोपी है। चार लाख रुपये का इंतजाम करो, मामला खत्म हो जाएगा। रुपये न मिलने पर दोनों भाइयों को जेल जाना पड़ेगा। जेल जाने के डर से अलग-अलग तिथि में उसने अधिवक्ता को तीन लाख रुपये दे दिए।
रुपये की मांग बढ़ने पर कोर्ट में जाकर पता किया तो जालसाजी की जानकारी हुई। अधिवक्ता को बताते हुए रुपये वापस करने के लिए कहा तो जान से मारने की धमकी देने और फर्जी मुकदमे में जेल भेजवाने की धमकी देने लगे। एसएसपी के आदेश पर पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।