गोरखपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गर्भवतियों को सिजेरियन या फिर सामान्य प्रसव के लिए शहर के अस्पतालों में आने की जरूरत नहीं होगी। स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवतियों की सुविधाओं के लिए तीन फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) बढ़ाने का फैसला लिया है। इसमें चौरीचौरा, बांसगांव और बेलघाट शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, जिले में मौजूदा समय में तीन एफआरयू चल रहीं हैं। ये रेफरल यूनिट सहजनवां, पिपराइच और कैंपियरगंज में संचालित हैं। इसके अलावा विभाग ने तीन और एफआरयू शुरू करने का फैसला लिया है। सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने तीन और ऐसे सेंटरों को मंजूरी दे दी है। इनमें चौरीचौरा, बांसगांव और बेलघाट शामिल हैं। इन सभी एफआरयू पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो गई है। इन यूनिटों पर जनरल सर्जन और आर्थोपेडिक सर्जन की भी तैनाती की जाएगी।
सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि तीन सीएचसी को एफआरयू बनाने के तैयारियां तेज हो गई हैं। हर एफआरयू की जिम्मदारी एक-एक एडिशनल सीएमओ को सौंपी गई है। वे गैप एनेलिसिस कर रिपोर्ट सीएमओ के जरिए शासन को भेजेंगे।
रिपोर्ट के आधार पर शासन आवश्यक जरूरतों को पूरा करेगा। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में संसाधनों की कमी ढूंढी जाएगी, जो कमियां होंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। इस पहल के बाद से गर्भवतियों को इलाज के लिए कहीं और जाने की जरूरत नहीं होगी।