सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय। (फाइल फोटो)
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अगर आप सरकारी कर्मचारी नहीं हैं और आपके प्रेरित करने पर कोई पुरुष नसबंदी का चुनाव करता है तो नसबंदी होने के बाद प्रेरक के तौर पर आपको 300 रुपये दिए जाएंगे। यह रकम प्रेरक के खाते में भेजी जाएगी। यह जानकारी सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने दी। बताया कि विशेष परिस्थितियों को छोड़ कर परिवार पूरा होने पर पुरुष नसबंदी को अपनाया जा सकता है।
सीएमओ ने बताया कि जिला गैर मिशन परिवार विकास जनपद में शामिल है। इस जिले में पुरुष नसबंदी करवाने पर लाभार्थी को दो हजार रुपये उसके खाते में दिए जाते हैं। पुरुष नसबंदी के लिए चार योग्यताएं प्रमुख हैं। पुरुष विवाहित होना चाहिए, उसकी आयु 60 वर्ष या उससे कम हो और दंपती के पास कम से कम एक बच्चा हो जिसकी उम्र एक वर्ष से अधिक हो।
पति या पत्नी में से किसी एक की ही नसबंदी होती है। गैर सरकारी व्यक्ति के अलावा अगर आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी पुरुष नसबंदी के लिए प्रेरक की भूमिका निभाती हैं तो उन्हें भी 300 रुपये दिए जाएंगे।
सीएमओ ने बताया कि पखवाड़े के दौरान सोमवार से शनिवार तक सीएचसी पिपराइच, प्रकाश सर्जिकल और सूर्या क्लिनिक पर निशुल्क पुरुष नसबंदी की सेवा उपलब्ध रहेगी, जबकि जिला महिला अस्पताल में मंगलवार से शनिवार तक यह सुविधा उपलब्ध कराने का दिशा-निर्देश दिया गया है।