पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुटी थी। प्रभारी निरीक्षक रणधीर मिश्रा की देखरेख में कैंट थाने के सिपाही संजीत यादव ने चोरी की घटना का खुलासा करने में अहम रोल निभाया। मुकदमा दर्ज होने के बाद संजीत ने गांधी गली से लगाए रेलवे स्टेशन तक 22 सीसीटीवी कैमरे से अलग-अलग फुटेज निकलवाई, जिससे ये पता चला कि चोरी के बाद हरिशंकर कहां-कहां गया।
एक जगह उसका पूरा चेहरा कैमरे में आ गया। चोर को पकड़ने के लिए 24 घंटे तक लगातार संजीत यादव सीसीटीवी कैमरा खंगालते रहे तब जाकर हरिशंकर पकड़ में आया।
हरिशकंर ने 10 रुपये की पी थी चाय
हरिशंकर ने बताया कि चोरी के बाद तो उसके पास लाखों रुपये थे। लेकिन, उन रुपयों में से वह केवल 10 रुपये चाय पीने के लिए खर्च किया था। बाकी पैसा रामपुर नई बाजार स्थित अपनी दुकान में छिपाकर रखा था, जिसे पुलिस ने बरामद किया।
पहले भी जेल गया है हरिशंकर
हरिशंकर पर कैंट के अलावा शाहपुर, खोराबार, चौरीचौरा, गगहा में पहले से चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। ये चार बार जेल जा चुका है।