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फिल्मी अंदाज में क्राइम: मंकी कैप पहन कर चोरी की फिर हो गया टकला, 22 कैमरों की मदद से पुलिस ने दबोचा

Tue, 04 Apr 2023 01:42 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

प्रभारी निरीक्षक रणधीर मिश्रा की देखरेख में कैंट थाने के सिपाही संजीत यादव ने चोरी की घटना का खुलासा करने में अहम रोल निभाया। मुकदमा दर्ज होने के बाद संजीत ने गांधी गली से लगाए रेलवे स्टेशन तक 22 सीसीटीवी कैमरे से अलग-अलग फुटेज निकलवाई, जिससे ये पता चला कि चोरी के बाद हरिशंकर कहां-कहां गया।
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मामले का खुलासा करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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पुलिस से बचने के लिए पेशेवर चोर ने फिल्मी अंदाज में चोरी की, लेकिन सीसीटीवी कैमरों की मदद से दबोच लिया गया। दरअसल, चोर ने साइकिल से जाकर नर्सिंग होम से 4.65 लाख रुपये की चोरी की थी। इस दौरान चेहरा छिपाने के लिए मंकी कैप लगाया और गर्मी में जैकेट भी पहन लिया। फिर बाहर आने के बाद कुछ दूरी पर ही जाकर टकला हो गया।

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मगर, पुलिस ने घटनास्थल से लेकर रेलवे स्टेशन तक एक-एक कड़ी 22 सीसीटीवी कैमरों की मदद से जोड़ी और आरोपी को पकड़कर पूरी नकदी बरामद कर ली। सराहनीय काम करने वाले सिपाही संजीत यादव को एसएसपी ने 10 हजार रुपये का इनाम भी दिया।

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आरोपी की पहचान झंगहा के रामपुरा बाजार निवासी हरिशंकर जायसवाल के रूप में हुई। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाश के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरिशंकर ने अपनी मां का गोलघर स्थित गांधी गली के न्यू उदय हॉस्पिटल में इलाज कराया था।

इस दौरान उसने रेकी कर लिया कि कैश कहां पर रहता है और किस रास्ते से चोरी की जा सकती है। मां को डिस्चार्ज कराने के दौरान खुद को गरीब बताकर उसने छूट भी करा ली थी। इसके बाद 30 मार्च की देर रात उसने नर्सिंग होम से चार लाख 65 हजार 437 रुपये चोरी कर लिया।
 

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पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुटी थी। प्रभारी निरीक्षक रणधीर मिश्रा की देखरेख में कैंट थाने के सिपाही संजीत यादव ने चोरी की घटना का खुलासा करने में अहम रोल निभाया। मुकदमा दर्ज होने के बाद संजीत ने गांधी गली से लगाए रेलवे स्टेशन तक 22 सीसीटीवी कैमरे से अलग-अलग फुटेज निकलवाई, जिससे ये पता चला कि चोरी के बाद हरिशंकर कहां-कहां गया।

एक जगह उसका पूरा चेहरा कैमरे में आ गया। चोर को पकड़ने के लिए 24 घंटे तक लगातार संजीत यादव सीसीटीवी कैमरा खंगालते रहे तब जाकर हरिशंकर पकड़ में आया।



हरिशकंर ने 10 रुपये की पी थी चाय
हरिशंकर ने बताया कि चोरी के बाद तो उसके पास लाखों रुपये थे। लेकिन, उन रुपयों में से वह केवल 10 रुपये चाय पीने के लिए खर्च किया था। बाकी पैसा रामपुर नई बाजार स्थित अपनी दुकान में छिपाकर रखा था, जिसे पुलिस ने बरामद किया।

पहले भी जेल गया है हरिशंकर
हरिशंकर पर कैंट के अलावा शाहपुर, खोराबार, चौरीचौरा, गगहा में पहले से चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। ये चार बार जेल जा चुका है।

 
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