गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की तरफ से मानबेला में बनवाए गए प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के आवासों की रजिस्ट्री नहीं होगी। लाभार्थियों को 500 रुपये के स्टांप पर पंजीकृत समझौता करना होगा। आवास में लाभार्थी को खुद रहना पड़ेगा। फ्री होल्ड नहीं होने के कारण इन आवासों को कोई खरीद बेच नहीं सकेगा।
जीडीए की ओर से मानबेला में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1488 आवास बनाए गए हैं। योजना के तहत सभी काम पूरा होने के बाद लोकार्पण की तैयारियां चल रही हैं। बाहर की चहारदीवारी पर आकर्षक चित्र बनाए जा रहे हैं। आवास पाने वालों को 2.50 लाख रुपये सरकार की ओर से मिला है। दो लाख रुपये आवंटी को देना पड़ रहा है। अब तक 40 आवंटियों ने ही पूरा भुगतान किया है।
कई लोगों ने 50 फीसदी से अधिक भुगतान किया है। कुछ आवंटी ऐसे भी हैं, जो खराब आर्थिक स्थिति के कारण नियमित रूप से किस्त जमा नहीं कर पाए हैं। आवास के आवंटन के समय 50 हजार रुपये देने थे। उसके बाद 25-25 हजार की छह किस्तों में बाकी 1.50 लाख रुपये का भुगतान करना था। इन किस्तों को ब्याजमुक्त रखा गया है। तीन-तीन महीने पर किस्तें देनी हैं।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास का निर्माण पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री के हाथों जल्द लोकार्पण होगा। आवंटी को 500 रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट कराना होगा। इसके बाद आवासों में रह सकेंगे। आवास फ्री होल्ड नहीं किए जाएंगे।