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एयरफोर्स के पास नो कंस्ट्रक्शन का दायरा घटा, अब 100 मीटर तक ही प्रतिबंध

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एयरफोर्स के आसपास नो कंस्ट्रक्शन का दायरा घटा, अब 100 मीटर तक ही प्रतिबंध
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गोरखपुर। एयरफोर्स के आसपास ज्यादातर इलाकों में अब नो कंस्ट्रक्शन जोन का दायरा 900 मीटर से घटकर 100 मीटर तक रह जाएगा। इससे दस हजार से अधिक परिवारों को राहत मिलेगी। वर्ष 2004 के बाद बने जो मकान अवैध कहला रहे थे, उनके वैध होने का रास्ता खुल जाएगा। मानचित्र स्वीकृत कराकर नए निर्माण हो सकेंगे। इससे गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की भी आय बढ़ेगी। प्राधिकरण के अध्यक्ष व कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने बताया कि इस संबंध में शासन से अनुमति मिल गई है।
बता दें कि 17 मई 2004 में जीडीए बोर्ड द्वारा एयरफोर्स के आसपास 900 मीटर के दायरे को नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित किया गया था। प्राधिकरण ने इसके बाद इस दायरे में मानचित्र स्वीकृति पर रोक लगा दी। तभी से इस दायरे को बहुत ज्यादा बताते हुए कम करने की मांग चल रही थी। इसी बीच मौके पर पांच हजार से अधिक मकान भी बन गए। कुछ पर सख्ती हुई। कुछ को सील किया गया। जून 2019 में प्राधिकरण ने नो कंस्ट्रक्शन जोन का दायरा घटाने के लिए प्रयास शुरू किया। एयरफोर्स से एनओसी ली गई। 22 जनवरी 2020 को हुई बोर्ड बैठक में नो कंस्ट्रक्शन जोन का दायरा घटाने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। बोर्ड की बैठक की कार्यवृत्ति के साथ शासन को प्रस्ताव भेजा गया। नौ अगस्त 2021 को मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक अनूप कुमार श्रीवास्तव की तरफ से इस प्रस्ताव को शासन की भी स्वीकृति मिल जाने का पत्र प्राधिकरण को भेजा गया।
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कंपाउंडिंग कराकर नियमित कराए जा सकेंगे मकान
जीडीए के मुख्य अभियंता पीपी सिंह ने बताया कि एयरफोर्स से सटे इलाकों में नो कंस्ट्रक्शन जोन का दायरा घट जाने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। 100 मीटर के दायरे के बाहर निर्माण के लिए लोग मानचित्र स्वीकृत करा सकेंगे। महायोजना 2021 में दर्ज भू-उपयोग के आधार पर मानचित्र पास हो सकेंगे। जिन्होंने 2004 के बाद निर्माण करा लिया है वे जीडीए में कंपाउंडिंग कराकर निर्माण को नियमित (वैध) करा सकेंगे।
जरूरतमंदों को मिल सकेगा पीएम आवास
एयरफोर्स के नौ सौ मीटर तक नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित होने की वजह से वहां जरूरतमंदों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब योजना के तहत जिन लाभार्थियों के पास उस इलाके में अपनी जमीन होगी, उन्हें योजना का लाभ मिल सकेगा। इसी तरह जरूरत पड़ने पर क्षेत्र के लोग अपनी संपत्ति के बदले बैंक से लोन भी ले सकेंगे। निर्माण अवैध होने की वजह से अभी तक संपत्ति पर लोन नहीं मिलता था। मानचित्र स्वीकृत होने पर भी लोगों को निर्माण के लिए लोन मिल सकेगा।
क्षेत्र का हो सकेगा विकास
नंदानगर, सैनिक विहार, सैनिक कुंज, दरगहिया समेत दर्जन भर कॉलोनियों में रहने वाली करीब 50 हजार की आबादी को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ता था। सड़क और नाली के टूटने के बाद निर्माण नहीं हो पाता था। अब नो कंस्ट्रक्शन जोन का दायरा सिमटकर 100 मीटर हो जाने से बाकी के क्षेत्र वैध हो सकेंगे। प्राधिकरण और नगर निगम विकास कार्य करा सकेंगे। सड़क-नालियां दुरुस्त की जा सकेंगी। पीने के पानी की व्यवस्था सही हो सकेगी।
कमिश्नर-उपाध्यक्ष की पैरवी रंग लाई
एयरफोर्स के आसपास नो कंस्ट्रक्शन जोन का दायरा कम करने के संबंध में जीडीए की तरफ से 22 जनवरी 2020 को शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को देखते हुए जीडीए के अध्यक्ष व कमिश्नर रवि कुमार एनजी और उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने शासन में पैरवी तेज कर दी जिसका नतीजा रहा है कि अब शासन से मंजूरी मिल गई।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन से एयरफोर्स स्टेशन के पास 900 मीटर का नो कंस्ट्रक्शन जोन का दायरा घटकर 100 मीटर हो सका है। इससे दर्जन भर मोहल्लों के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। निर्माण के लिए प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए जा सकेंगे तो जो निर्माण पहले हो चुके हैं उन्हें भी नियमित कराया जा सकेगा। जरूरतमंदों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल सकेगा। जरूरत पड़ने पर लोग बैंक से लोन प्राप्त कर सकेंगे। - रवि कुमार एनजी, अध्यक्ष जीडीए व कमिश्नर
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