गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में लोकप्रिय नियमित पाठ्यक्रमों में 25-30 प्रतिशत तक की वृद्धि की तैयारी है। इसे लेकर डीडीयू प्रशासन और विभागों में सहमति बनती दिख रही है। सीट वृद्धि स्ववित्तपोषित माध्यम से की जाएगी। बृहस्पतिवार को इस पर डीडीयू प्रशासन निर्णय ले सकता है।
डीडीयू में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया अप्रैल में ही शुरू होनी हैं। इसे लेकर तैयारियां भी चल रही हैं। प्रवेश के लिए ज्यादातर छात्रों की पहली पसंद विश्वविद्यालय परिसर ही होता है। इसीलिए हर वर्ष स्नातक और परास्नातक में प्रवेश के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। उनमें से करीब 12-15 प्रतिशत अभ्यर्थियों को ही प्रवेश मिल पाता है। अन्य अभ्यर्थियों को वंचित रह जाना पड़ता है। इसे देखते हुए ही बीए समेत स्नातक व परास्नातक के लोकप्रिय विषयों में 25-30 प्रतिशत तक सीट वृद्धि की योजना है।
इसे लेकर करीब एक महीने से डीडीयू प्रशासन मंथन कर रहा है। बुधवार को भी कई विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की। इस दौरान सेल्फ फाइनेंस मोड में सीट वृद्धि पर सहमति बनती दिखी। इस पर अंतिम मुहर लगाने के लिए बृहस्पतिवार को अधिष्ठाताओं और विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है।
अलग से होगी शिक्षकों की नियुक्ति
सीट वृद्धि होने की दशा में छात्रों के अनुपात में संविदा या अतिथि शिक्षक के रूप में शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इस दिशा में भी डीडीयू प्रशासन विचार कर रहा है।
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि आवेदन करने वाले अधिक से अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को प्रवेश का मौका मिले, इसके लिए बीए समेत स्नातक और परास्नातक के नियमित लोकप्रिय विषयों में सीट वृद्धि की योजना बनाई जा रही है। बृहस्पतिवार को इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद जल्द ही प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।