सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की ओर से कोविड महामारी की तीसरी लहर के चलते दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं को दो टर्म में कराने का फैसला किया गया है। पहले टर्म की परीक्षा नवंबर में तो दूसरे टर्म की परीक्षा मार्च-अप्रैल में होगी। पहले टर्म की परीक्षा में 50 फीसदी सवाल कोर्स से पूछे जाएंगे, वहीं पूरा पेपर तीन घंटे के बजाय 90 मिनट का होगा। बहुविकल्पीय सवाल होंगे।
बोर्ड की ओर से वेबसाइट पर सैंपल पेपर जारी कर दिया गया है। इसके मुताबिक प्रश्नपत्र बोर्ड की ओर से भेजे जाएंगे। परीक्षा उसी स्कूल में होगी जहां विद्यार्थी पढ़ रहे होंगे। परीक्षा की निगरानी के लिए सीबीएसई के द्वारा बाहरी केंद्राध्यक्ष और आब्जर्वर नियुक्त किए जाएंगे। जवाब ओएमआर शीट पर देना होगा।
इन्हें स्कैन करके सीबीएसई के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा या स्कूल इनका मूल्यांकन करने के बाद नंबर पोर्टल पर अपलोड करेंगे। ये निर्णय बोर्ड की ओर लिया जाएगा। वहीं दूसरे टर्म की परीक्षा दो घंटे की होगी। इसमें अलग-अलग तरह के सवाल पूछे जाएंगे जो एमसीक्यू, शार्ट आंसर टाइप और लांग आंसर टाइप होंगे।
दोनों टर्म के नंबर विद्यार्थियों के रिजल्ट में जोड़े जाएंगे। बता दें कि पुराने पैटर्न के मुताबिक बोर्ड की ओर से एक बार परीक्षा का आयोजन किया जाता है। तीन घंटे की परीक्षा एक साथ विद्यार्थियों को देनी होती है।