यही बात पीड़िता अपने बयान में भी बोल रही थी कि मकान मालिक के बेटे और भतीजे करीब छह महीने से उसके साथ दुष्कर्म कर रहे थे और अब दूसरों के पास भेजा जा रहा था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। उसकी फरियाद को अनसुनी करने वाली पुलिस पर कार्रवाई की गाज भी गिर चुकी है। अब जब इस मामले की मानीटरिंग पुलिस अफसरों ने शुरू की तो परत दर परत मामला खुलकर सामने आने लगा। प्रभारी थानेदार ने बताया कि पीड़िता की मेडिकल प्रक्रिया चल रही है। मंगलवार को उसे पूरा कराकर कोर्ट में बयान के लिए भेजा जाएगा।
13 साल की किशोरी ने सीएम कैंप कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि वह निजामपुर में पिता और मां के साथ किराए के कमरे में रहती थी। उसका परिवार बहुत ही गरीब है। पिता रिक्शा चलाते हैं तथा मां मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करती है। एक दिन मकान मालिक के बेटे व भतीजे ने दुष्कर्म किया।
विरोध किया तो जान से मारने की धमकी देने लगे। उसके बाद दोनों ने कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने बताया कि अब ये लोग उसे पैसों के लिए दूसरी जगह ले जाते हैं और दूसरे लोगों के साथ सोने के लिए मजबूर करते हैं। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देते हैं। विरोध के कारण कई बार लाठी और बेल्ट से पिटाई भी गई।
एक महिला की भूमिका भी सामने आ रही है
इस कुकृत्य में आरोपितों के साथ एक महिला की मिलीभगत की बात भी सामने आई है। जानकारी मिली है कि आरोपितों ने किशोरी से कई बार दुष्कर्म करने के बाद उसे कमाई का भी जरिया बना लिया। वे उसे कुछ अन्य लोगों के पास भी ले जाने लगे। इसके बदले वे उनसे रुपये वसूलते थे। उनके इस काम में एक महिला मदद करती थी। अब पुलिस की जिम्मेदारी है कि इस घिनौने मामले के उजागर होने के बाद, उस महिला और किशोरी से संबंध बनाने वाले हर शख्स को बेनकाब करे।