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बदल रहा है गोरखपुर: टीम अदाणी ने गोला में देखी तीन जमीन, अफसरों से की चर्चा

Thu, 04 Jan 2024 11:16 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

सीईओ गीडा अनुज मलिक ने कहा कि अदाणी समूह के प्रतिनिधि जमीन देखकर गए हैं। उनसे इस पर चर्चा भी हुई है। अब शासन स्तर पर वार्ता होगी। वहीं कंपनी के प्रतिनिधि भी निदेशक स्तर पर इसकी जानकारी देंगे। पूरा प्रयास है कि मार्च तक इस मामले में एमओयू करा दिया जाए।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अदाणी समूह के प्रतिनिधियों को धुरियापार इलाके में सीमेंट फैक्टरी के लिए तीन जगह जमीन दिखाई गई है। तीनों ही रेलवे लाइन के किनारे हैं। इनमें से कोई एक जमीन फाइनल होगी। कंपनी इस पर करीब एक हजार कराेड़ निवेश करेगी। जमीन देखने के बाद कंपनी के प्रतिनिधि लौट गए। इसी सप्ताह जमीनों के चयन पर फिर मंथन होगा। इसके बाद सहमति बनने पर मुख्यमंत्री के समक्ष एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे।

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गीडा प्रशासन करीब दो महीने से अदाणी समूह के संपर्क में है। पूर्वांचल और बिहार के नजदीकी हिस्सों में तेजी से बदलते माहौल के चलते निर्माण कार्य में तेजी आई है। इसके चलते सीमेंट की मांग भी बढ़ी है। अभी यहां तक माल ढुलाई में खर्च अधिक होने के चलते सीमेंट की कीमत बढ़ी रहती है। इसे देखते हुए अदाणी समूह गोरखपुर या आसपास सीमेंट फैक्टरी लगाने का इच्छुक है।

मंगलवार को कंपनी के दो प्रतिनिधि गोरखपुर पहुंचे। इन्हें धुरियापार औद्योगिक क्षेत्र में सकरदेइया, हरपुर और गजपुर के पास जमीन दिखाई गई। जो जमीन इन्हें दिखाई गई है, वह प्रस्तावित सहजनवां-दोहरीघाट रेल मार्ग के नजदीक है। कंपनी को अभी 60 से 100 एकड़ के बीच जमीन चाहिए। इसे देखते हुए तीनों जगहों के आसपास पर्याप्त जमीनें हैं। कंपनी के प्रतिनिधियों को तीनों ही जमीनें पसंद आई हैं।
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रेट तय होते ही फाइनल हो जाएगा मामला
गीडा सूत्रों का कहना है कि करीब-करीब 90 प्रतिशत सहमति बन चुकी है। अब मुख्य मामला जमीनों के रेट को लेकर है। कंपनी चाहती है कि सरकारी जमीन मिले, जिससे जमीन पर कंपनी को कम से कम निवेश करना पड़े। गीडा प्रशासन भी नए औद्योगिक एरिया के लिए जमीनों को खरीद रहा है, लिहाजा वह भविष्य की संभावनाओं को देखकर निर्णय लेना चाहता है।

इसीलिए जमीन देखने आए प्रतिनिधि अब इस पर अंतिम निर्णय कंपनी के निदेशक मंडल की सलाह पर करने की बात कहकर गए हैं। वहीं, गीडा प्रशासन भी इस मामले में चर्चा के बाद निर्णय लेने की बात कह रहा है। माना जा रहा है कि जमीन के रेट का मामला सुलझते ही पूरा प्रकरण मुख्यमंत्री के समक्ष जाएगा, जहां एमओयू पर हस्ताक्षर कराया जाएगा।

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जल्दी ही कई और भी आएंगे
अदाणी समूह के अलावा सात और कंपनियों के प्रतिनिधियों ने गोरखपुर आने की हामी भरी है। गीडा प्रशासन इन उद्यमियों को भी जमीन दिखाने की तैयारी कर चुका है। इनके लिए कालेसर जीरो प्वाइंट से लेकर भीटी रावत और धुरियापार में अलग-अलग जगह चिह्नित किए गए हैं। गीडा एसडीएम अनुपम मिश्रा बताते हैं-अदाणी समूह, आरएसपीएल और लुलु माॅल जैसी कंपनियों की वजह से गीडा की ब्रांडिंग नेशनल लेवल पर हुई है। हमारा प्रयास है कि महीने भर के भीतर तीन-चार बड़ी कंपनियों से एमओयू करा दिया जाए, ताकि अन्य कंपनियां भी गीडा आएं।

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सीईओ गीडा अनुज मलिक ने कहा कि अदाणी समूह के प्रतिनिधि जमीन देखकर गए हैं। उनसे इस पर चर्चा भी हुई है। अब शासन स्तर पर वार्ता होगी। वहीं कंपनी के प्रतिनिधि भी निदेशक स्तर पर इसकी जानकारी देंगे। पूरा प्रयास है कि मार्च तक इस मामले में एमओयू करा दिया जाए। इसके अलावा कई अन्य प्रतिनिधियों से भी वार्ता चल रही है। उन्हें भी जल्दी ही जमीन दिखाकर एमओयू के लिए तैयार किया जाएगा।
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